चंडीगढ़ के टॉप स्कूलों में पढ़ना अब रह जाएगा सपना
अब बहुत से स्टूडेंट्स का चंडीगढ़ के टॉप स्कूलों में पढ़ने का सपना साकार नहीं हो पाएगा। मेरिट होने के बाद भी स्टूडेंट्स को दाखिला नहीं मिलेगा। विभाग द्वारा जारी नई दाखिला पॉलिसी में स्टूडेंट को अपने जोन से बाहर दाखिला नहीं मिल पाएगा।
दाखिले के लिए स्कूल के आसपास के एरिया को तीन जोन ए, बी और सी में बांटा है। आरटीई के तहत शिक्षा विभाग स्कूलों में पहले तीन किलोमीटर एरिया के बच्चों को ही दाखिला देगा। उसके बाद अगर सीटें खाली रहती हैं तो अगले जोन बी के बच्चों का नंबर आ पाएगा।
इससे पहले शहर के किसी भी कौने का बच्चा मेरिट के आधार पर कहीं भी स्कूल में दाखिला ले लेता था। इस कारण इनकी मेरिट भी काफी हाई रहती है। नए नियमों में स्टूडेंट को अपने एरिया के स्कूल में ही पढ़ना होगा। फिलहाल यह पॉलिसी पहली से 10वीं कक्षा तक के दाखिलों पर लागू होगी।
सभी स्कूलों का सुधरेगा स्तर
नई दाखिला पॉलिसी से स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा। सभी स्कूलों में बैलेंस स्टूडेंट्स होंगे। जिससे हर स्कूल का रिजल्ट अच्छा रहेगा। पहले अच्छे स्टूडेंट्स अपना स्कूल छोड़ टॉप स्कूलों का रुख कर जाते थे।
इसके अलावा पंजाब और हरियाणा के टॉपर्स भी टॉप स्कूलों की सीटों पर कब्जा जमा लेते थे। अब बच्चों को भी तीनों जोन कवर होने के बाद सीटें रिक्त होने पर ही दाखिला मिल पाएगा।
इन स्कूलों का है क्रेज
गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल-16 (जीएमएसएसएस-16), जीएमएसएसएस-35, जीएमएसएसएस-37, जीएमएसएसएस-10, 18 और जीएमएसएसएस मनीमाजरा स्टूडेंट्स के पसंदीदा स्कूलों में रहे हैं।