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नाइलिट के 53 कोर्स रोजगार दिलाने में करेंगे मदद

Tue, 17 Dec 2013 01:31 AM IST
शैलेष अरोड़ा/ लखनऊ
शैलेष अरोड़ा/ लखनऊ Updated Tue, 17 Dec 2013 01:31 AM IST
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nilit will start 53 new courses

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (नाइलिट, पूर्व में डोएक सोसाइटी) की ओर से जल्द ही 53 नए शॉर्ट टार्म कोर्स शुरू किए जाएंगे।

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इन कोर्सेज की खास बात यह होगी कि देश के सभी नाइलिट केंद्रों पर एक समान सिलेबस होगा। ऐसे में इन कोर्सेज में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट को कोर्स पूरा होने से पहले किसी कारणवश शहर छोड़ना पड़ता है, तो वह दूसरे केंद्र से आगे की पढ़ाई कर सकेगा। सभी शॉर्ट टर्म कोर्स रोजगारपरक हैं।
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प्रशिक्षण लेने के बाद अभ्यर्थी इनका नौकरी के आवेदन में प्रयोग करने के साथ ही खुद का काम शुरू कर सकता है। कोर्सेज की अवधि एक माह से लेकर एक वर्ष तक है।
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इनका सिलेबस बनने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। एक से दो माह में यह सभी कोर्स होंगे। मिनिस्ट्री ऑफ कंयूनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संचालित नाइलिट के भारत में स्थित सभी केंद्रों पर शॉर्ट टर्म कोर्सेज का संचालन किया जा रहा है।

लेकिन इसमें मुख्य समस्या यह है कि कुछ कोर्स जो एक केंद्र पर चल रहे हैं, वे दूसरे केंद्रों पर उपलब्ध नहीं हैं। अगर स्टूडेंट इन कोर्सेज में प्रवेश लेता है।

उसके पूरा होने से पहले ही किसी कारणवश उसे वह शहर छोड़ना पड़े तो उसे कोर्स पूरा करने में अड़चन नहीं आएगी। जैसे अगर कोई स्टूडेंट नाइलेट के कालीकट या गोरखपुर सेंटर के किसी केंद्र पर प्रवेश लेता है।


उसे पूरी तरह या कुछ समय के लिए लखनऊ शिफ्ट होना है तो वह लखनऊ केंद्र से ही अपना कोर्स पूरा कर सकेगा।

फैकल्टी एक्सचेंज होगा संभव
कोर्सेज के एक समान होने से बड़ा लाभ यह होगा कि सभी केंद्र जरूरत के अनुसार शिक्षकों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

अगर किसी केंद्र पर किसी विषय के शिक्षक की कमी है तो उसे दूसरे केंद्र से कुछ समय के लिए बुलाकर लेक्चर कराए जा सकते हैं।

इसके अलावा अभी तक अपने स्तर पर शॉर्ट टर्म कोर्स चलाने के लिए विभिन्न केंद्र जो सिलेबस तैयार करते हैं वह कई बार क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर होता है।

लेकिन अब जो सिलेबस तैयार किया गया है, वह राष्ट्रीय स्तर का है। इससे स्टूडेंट्स के सामने रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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