फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   news courses in IIHS of HPU.

एचपीयूः पुराने शुरू नहीं, अब ये नए कोर्स की तैयारी

Wed, 03 Feb 2016 12:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 03 Feb 2016 12:49 PM IST
विज्ञापन
news courses in IIHS of HPU.

एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान (आईआईएचएस) में अब पारंपरिक ज्ञान और कला पर आधारित कौशल विकास व स्वरोजगार में सहयोगी कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। मंगलवार को हुई संस्थान की कार्यकारी समिति की बैठक में इसके लिए हरी झंडी दे दी गई।

विज्ञापन


बेशक समिति ने नए कोर्स शुरू करने को मंजूरी दे दी है, मगर विवि प्रशासन और आईआईएचएस पिछले दो सालों से नए पांच कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसे आज तक शुरू नहीं किया जा सका है। समिति ने ऐसे संभावित कोर्स का प्रारूप और सिलेबस तैयार करने का निर्णय लिया, जिन्हें ईसी की मंजूरी के मिल सके।
विज्ञापन


संस्थान में चंबा रूमाल, यहां की पारंपरिक काष्ठ कला, हथकरघा और हस्त शिल्प सहित पारंपरिक व्यंजन बनाने की कला के संरक्षण और इसके प्रति युवाओं की रुचि को बढ़ाने व इसे स्वरोजगार का साधन बनाने के लिए कोर्स का रूप दिया जाएगा। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रति कुलपति आचार्य राजेन्द्र सिंह चौहान, यूजीसी के सीईसी के निदेशक राजवीर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं आईआईएचएस के निदेशक प्रो. अमरजीत सिंह, विवि के परीक्षा नियंत्रक व कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. श्याम लाल कौशल व संस्थान के शोधकर्ता इसमें उपस्थित रहे। बैठक में संस्थान और पूरे विश्वविद्यालय के कैंपस में खाली पड़ी भूमि पर हिमालय क्षेत्र में होने वाली जड़ी बूटियों और औषधीय पौधों को उगाने को बॉटेनिकल गार्डन विकसित करने को भी मंजूरी दी गई। इन पौधों पर संस्थान में शोध कार्य किए जाएंगे।

इसके साथ ही यूजीसी से पहले से मंजूर हिमालयन हेरिटेज म्यूजियम को जल्द स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान कर निर्णय हुआ कि जल्द परिसर में हिमालय के पारंपरिक ज्ञान और यहां की लोक संस्कृति जनजातीय प्रथा और रीति रिवाजों को बढ़ावा देने को हेरिटेज म्यूजियम बनाया जाएगा। वाजपेयी ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से कौशल विकास पर आधारित पाठ्यक्रम, डिजिटल विषय पर आधारित पाठयक्रम शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। मेक इन इंडिया को केन्द्र में रखकर डिजिटल इंडिया को प्राथमिकता देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।

वहीं समिति ने संस्थान में हुए शोध कार्यों को आनलाइन उपलब्ध करवाने, ज्ञान के आदान प्रदान को अन्य देशों के साथ बढ़ाने और फैकल्टी व शोधकर्ताओं को विदेशों में भेजने आदि की शुरुआत करने पर चरचा कर कुछ अहम फैसले लिए गए। सूत्रों की मानें तो आईआईएचएस में कार्यरत शोधकर्ताओं और शिक्षकों को पीएचडी और शोध कार्य में बतौर गाइड कार्य करने को भी मंजूरी दी गई है।


दो साल शु्रू नहीं हो सके कोर्स
कार्यकारी समिति ने नए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने को भले ही मंजूरी दे दी है, मगर विवि प्रशासन और आईआईएचएस पिछले दो सालों से नए पांच कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसे आज तक शुरू नहीं किया जा सका है। इनमें डिफेंस स्टडीज, हिंदी पत्रकारिता, गाइडेंस एंड काउंसलिंग, पर्यावरण विज्ञान में एमएससी जैसे कोर्स शामिल हैं। सिलेबस तैयार होने और ईसी से हरी झंडी मिल जाने के बावजूद कोर्स शुरू नहीं किए जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed