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जॉब और करीब लाएगी इंजीनियरिंग की ये नई पढ़ाई

Sun, 13 Oct 2013 03:26 AM IST
आशीष त्रिपाठी/लख्ननऊ
आशीष त्रिपाठी/लख्ननऊ Updated Sun, 13 Oct 2013 03:26 AM IST
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new vocational courses in b tech

अब इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में बीटेक वोकेशनल की डिग्री भी दी जाएगी। इस रोजगारपरक कोर्स में दाखिला लेकर स्टूडेंट अपने कॅरिअर को और बेहतर बना सकता है।

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कॉलेजों में चल रहे बीटेक के विभिन्न कोर्सों के अलावा यह नया कोर्स स्टूडेंट की संख्या में काफी इजाफा भी करेगा। इसके लिए जीबीटीयू प्रशासन ने सभी कॉलेजों को पत्र लिखकर यह नया कोर्स शुरू करने का आदेश दिया है।
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इन कोर्सों में प्रैक्टिकल नॉलेज अधिक होगा और क्लासरूम टीचिंग कम। कॉलेज नॉलेज प्रोवाइडर का काम करेंगे और यूनिवर्सिटी उन्हें डिग्री देगी।

यह पूरी कवायद नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के तहत की जा रही है। इसका मकसद स्टूडेंट के भीतर एंटरप्रेन्योरशिप के गुण को बढ़ावा देना है, ताकि वे आसानी से रोजगार हासिल करने लायक बन सकें।
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अभी युवाओं में वोकेशनल स्किल की कमी होने के कारण जॉब होने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती है। इंडस्ट्री को जितने प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है वह नहीं मिल पा रहे।


ऐसे में जब इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में यह कोर्स पढ़ाया जाएगा तो वहां से बड़ी संख्या में स्किल्ड स्टूडेंट निकलेंगे। अभी इंटरमीडिएट के बाद बड़ी संख्या में स्टूडेंट ड्राप आउट हो जाते हैं।

क्योंकि उन्हें तलाश होती है ऐसी डिग्री की जो उन्हें जल्दी रोजगार दिला सके। यह नया कोर्स शुरू करने के पीछे जीबीटीयू की यह सोच है कि इससे कॉलेजों को बड़ी संख्या में छात्र मिलेंगे।

अभी वहां क्षमता के मुताबिक छात्र भी नहीं हैं। नया कोर्स शुरू होने से ग्रॉस इनरोलमेंट रेशियो (जीईआर) बढ़ेगा और इसे 19 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने में मदद मिलेगी।

इस चार वर्षीय बीटेक वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई के लिए इंटर पास स्टूडेंट विभिन्न ट्रेड में दाखिला ले सकता है। इसके अलावा पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे वे छात्र जो वोकेशनल डिप्लोमा होल्डर हैं वे सेकंड ईयर में प्रवेश कर सकेंगे।

एडवांस डिप्लोमा वोकेशनल होल्डर इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज में बीटेक वोकेशनल की डिग्री एक साल की पढ़ाई करके हासिल कर सकेंगे। इससे कॉलेजों में मल्टीपल इंट्री व मल्टीपल एग्जिट का सिस्टम लागू होगा।

इसका फायदा स्टूडेंट और संस्थानों दोनों को मिलेगा।

बीटेक वोकेशनल में पढ़ाई कम प्रयोग ज्यादा
इस कोर्स में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को एक हजार घंटे की पढ़ाई और प्रयोगात्मक ज्ञान देना होगा। इसमें प्रथम वर्ष में 55 प्रतिशत समय वोकेशनल स्क्लि बिल्डिंग में और 45 प्रतिशत समय में क्लासरूम टीचिंग करनी होगी।


इसके बाद जैसे-जैसे छात्र आगे बढ़ेंगे उन्हें 60 प्रतिशत वोकेशनल स्क्लि बिल्डिंग और 40 प्रतिशत समय में क्लासरूम टीचिंग करनी होगी। इसके बाद 75 प्रतिशत समय वोकेशनल स्किल बिल्डिंग में और 25 प्रतिशत समय क्लासरूम टीचिंग में देना होगा।

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