तो नहीं चल पाएंगी स्कूल बसें
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सरकार की सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी इस वित्त वर्ष से लागू करने की तैयारी
मौजूदा स्थिति में गुड़गांव के ज्यादातर स्कूल की बसों में जीपीएस नहीं है। नई पॉलिसी के तहत स्कूल प्रबंधन को अपने बस ड्राइवरों की तीन वर्ष में कम से कम एक बार हेल्थ चेकअप करानी होगी। जबकि स्कूलों में बस चालक स्थाई नहीं होते। इसलिए उन्हें हर कुछ दिनों के बाद बदल दिया जाता है।
ऐसे में शायद ही किसी स्कूल के चालक की स्वास्थ्य जांच हो सके। गुड़गांव के स्कूल प्रबंधन बसों के रंग-रोगन एवं उसमें उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे में नए नियम के अनुसार बसों को चलने देना गुड़गांव प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा।
स्कूल बसों के लिए नई नियामावली
इसके साथ ही स्कूल बस में आगे और पीछे स्कूल बस लिखा होना जरूरी है, बस किराये पर ली गई है तो उसपर ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा होना चाहिए, वाहन में फिटनैस प्रमाणपत्र और इंश्योरेंस प्रमाणपत्र भी होना चाहिए, बसों में प्रशिक्षित, अनुभवी तथा अच्छे स्वाभाव के चालक, अटेंडेंट या कंडक्टर हों, स्कूल बस के पास परमिट होनी चाहिए, शहर में स्कूल बस या वाहन 50 किमी प्रति घंटा की रफतार से ज्यादा स्पीड रखने की अनुमति नहीं होगी।
स्कूल तथा शिक्षण संस्थाओं के पास चारदीवारी के अंदर पार्किंग क्षेत्र होना चाहिए, वाहनों में फस्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्युशर नियमों के मुताबिक होना चाहिए, स्कूल बस और वाहन में स्कूल का नाम, रूट और समय का बोर्ड लगा होना चाहिए, बस में वाहन मालिक तथा पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर लिखा होना चाहिए।
परिवहन विभाग द्वारा आयोजित रिफ्रेशर कोर्स में कंडक्टर और ड्राइवरों को तीन वर्ष में एक बार हिस्सा लेना होगा, सभी वाहन चालकों का तीन वर्ष में एक बार जिला सिविल सर्जन द्वारा मेडिकल फिटनेस होना चाहिए, चालकों और कंडक्टरों को वर्दी में और उसपर नेम प्लेट, लाइसेंस नंबर अनिवार्य है।
स्कूल बसों पर नजर रखने को बनेगी कमेटी
परिवहन विभाग की आयुक्त सुमिता मिश्रा के निर्देशानुसार बसों पर नजर रखने को राज्य, जिला और उप-जिला स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी।
प्रदेश स्तर पर कमेटी कमेटी के चेयरमैन परिवहन विभाग के प्रधान सचिव होंगें, जबकि परिवहन आयुक्त, आबकारी एवं कराधान आयुक्त, राज्य परिवहन विभाग के महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक, सेकेंडरी शिक्षा विभाग के महानिदेशक और प्राथमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक कमेटी के सदस्य बनाए जाएंगे।
जिला स्तरीय कमेटी में चेयरमैन उपायक्त होंगें। जबकि पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव, हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक और जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगें। यह कमेटी जिला में स्कूल बसों का निरीक्षण करेंगी। प्रत्येक स्कूल की प्रत्येक बस का निरीक्षण वर्ष में कम से कम एक बार जरूर किया जाएगा। यह कमेटी तीन माह में एक बार बैठक करेगी।