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अब एआईपीएमटी में पहले 'उम्र दराज' को मिलेगा मौका

Wed, 04 Dec 2013 12:18 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 04 Dec 2013 12:18 PM IST
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new rules for AIPMT

ऑल इंडिया प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट (एआईपीएमटी 2014) में अब न केवल ऑल इंडिया बल्कि स्टेट रैंक भी मिलेगी।

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इससे छात्र को देशभर के कॉलेजों के अलावा स्टेट कोटे की सीटों पर भी दाखिले का मौका मिल सकता है। सीबीएसई इसके लिए एक रैंक सूची बनाकर राज्य को भेज देगा, जिसके बाद इसे आधार बनाना या न बनाना स्टेट का काम होगा।

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सीबीएसई की ओर से जारी एआईपीएमटी के इंफॉर्मेशन ब्रोशर के मुताबिक एआईपीएमटी रिजल्ट के आधार पर सभी कॉलेज या विवि अपनी अलग से मेरिट सूची भी बना सकते हैं। इस दौरान सीबीएसई सफल अभ्यर्थियों की राज्यस्तरीय मेरिट सूची भी जारी करेगा।
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यह सूची बोर्ड ‘स्टेट डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजूकेशन’ को भेजी जाएगी। इस सूची के मुताबिक स्टेट कोटे की 85 प्रतिशत सीटें राज्य के आरक्षण प्रावधानों के आधार पर भरी जाएंगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित राज्य की होगी।

मूल निवास प्रमाण पत्रों का नियम लागू
उत्तराखंड में वर्ष 2012 तक राज्य कोटे की सीटों के लिए उत्तराखंड प्री मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट (यूपीएमटी) परीक्षा आयोजित कराई जाती थी, जबकि वर्ष 2013 में नीट परीक्षा से ही दाखिले किए गए थे।

बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए मूल निवास प्रमाण पत्रों का नियम लागू होगा जबकि आल इंडिया कोटे की सीटों पर आरक्षण केंद्र सरकार की पद्धति पर लागू होगा।

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आकाश इंस्टीट्यूट के उप निदेशक डीके मिश्रा ने बताया कि 2012 तक एआईपीएमटी से केवल ऑल इंडिया रैंक ही मिलती थी। अब नए प्रावधान के बाद बीएचयू और मौलाना आजाद जैसे संस्थान भी एआईपीएमटी की स्टेट रैंक से दाखिले ले सकते हैं।

टाई होने पर सीनियर को मौका
एआईपीएमटी परिणाम में यदि दो छात्र एक जैसे अंक प्राप्त करते हैं तो उनकी रैंक के लिए इंटर-एसई-मेरिट तैयार की जाएगी। इस मेरिट के तहत पहले यह देखा जाएगा कि दोनों में से किस छात्र के बायोलॉजी (बॉटनी व जूलॉजी) में अधिक अंक हैं।

यदि यहां भी समानता पाई जाती है तो यह देखा जाएगा कि दोनों में से किस छात्र ने केमेस्ट्री में अधिक अंक पाए हैं। यदि यहां भी टाई रहता है तो यह देखा जाएगा कि दोनों में से किस छात्र ने उत्तर देने में कम गलतियां की हैं।

यदि यहां भी समानता रहती है तो यह देखा जाएगा कि दोनों अभ्यर्थियों में किसकी उम्र ज्यादा है। इसमें ज्यादा उम्र वाले अभ्यर्थी को तरजीह दी जाएगी।

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