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जीबीटीयू एक साल में शुरू करेगा 10 नए प्रोग्राम

Fri, 23 Aug 2013 07:36 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 23 Aug 2013 07:36 AM IST
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गौतमबुद्ध तकनीकी विश्वविद्यालय जीबीटीयू ने विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग

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कॉलेजों में एमटेक कोर्सेज को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

इसके अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) को मॉडल इंस्टीट्यूट चुना गया है। यहां अगले एक वर्ष के अंदर 10 नए एमटेक प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।


एमटेक को बढ़ावा देने का मुख्य उद्देश्य शोध को विकसित करना और अच्छे शिक्षकों की कमी को दूर करते हुए देश के विकास में योगदान देना है।

इन प्रोग्राम के लिए आईईटी के डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) प्रो. अमरीक सिंह को मुख्य समन्वयक नियुक्त किया गया है। वर्तमान में आईईटी में तीन विषयों- एन्वायर्नमेंटल साइंस, बायोटेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स में एमटेक की पढ़ाई हो रही है।

प्रो. अमरीक सिंह ने बताया कि नए शुरू होने वाले कोर्सेज के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।


मांग और जरूरत देखकर चुने गए विषय

जीबीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने बताया कि केवल उन्हीं विषयों को एमटेक के लिए चुना गया है जिनकी वर्तमान में मांग है या ये समाज के लाभ से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी और पैकेजिंग और पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों की आज उद्योगों में भारी मांग है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नैनो टेक्नोलॉजी, पॉलीमर टेक्नोलॉजी और मैटेरियल का प्रयोग होता है।

नैनो टेक्नोलॉजी स्वास्थ्य और एडवांस डिवाइसेज के क्षेत्र में भी काफी प्रयोग की जाती है। इसके साथ ही आज एनर्जी के अल्टरनेटिव सोर्सेज का प्रयोग जरूरी हो चुका है। नए ब्रांच में इन सभी बातों को ध्यान में रखा गया है।


दूर होगी शिक्षकों की कमी

आज विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अच्छे शिक्षकों की भारी कमी है। सरकारी कॉलेजों में बहुत से पद तो खाली पड़े हैं। इसके लिए जरूरी है कि शोध को बढ़ावा दिया जाए।

डॉ. खांडल ने बताया कि एमटेक के बाद बहुत से छात्र-छात्राएं शोध के लिए जाएंगे। इससे शिक्षण संस्थानों में अच्छे शिक्षकों की कमी दूर होगी।

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