बीएड के बाद बीपीड के पैटर्न में हुआ बड़ा बदलाव
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बीपीएड स्टूडेंट्स को अब अनिवार्य रूप से प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में जाकर कक्षाएं लेनी होंगी। एनसीटीई द्वारा इस साल से बीपीएड के पैटर्न में किए गए बदलाव को लविवि की बोर्ड ऑफ स्टडीज ने सोमवार को अपने यहां लागू करने को हरी झंडी दे दी।
जल्द ही इसे कुलपति के यहां से स्वीकृत कराकर सभी कॉलेजों को भी भेज दिया जाएगा। साथ ही अब बीपीएड स्टूडेंट्स को योग का एक पूरा पेपर पढ़ना होगा। नए पैटर्न में एनसीटीई ने बीपीएड चलाने के लिए दो तरह से सिलेबस बनाने का विकल्प दिया था।
इसमें एक सेमेस्टर बेस्ड और दूसरा वार्षिक परीक्षा वाला था। एलयू ने अपने यहां वार्षिक परीक्षा वाले पैटर्न के अनुसार सिलेबस को अपनाया है।
30 दिन लेनी होंगी विद्यालयों में कक्षाएं
सोमवार को प्रो. मनोज दीक्षित की अध्यक्षता में हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में बीपीएड के नए सिलेबस पर निर्णय लिया गया। बोर्ड के सदस्य डॉ. नीरज जैन ने बताया कि पहले जब बीपीएड एक साल का था तो स्टूडेंट ट्रेनिंग के दौरान कक्षाएं (लेसन प्लान) तो लेते थे लेकिन इसके लिए उनको विद्यालयों में जाना अनिवार्य नहीं था।
अब दो साल के बीपीएड के दौरान सभी स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल पार्ट के अंतर्गत 30 दिन कक्षाएं लेनी होंगी। कम से कम 20 कक्षाएं विद्यालयों में होंगी। डॉ. जैन ने बताया कि स्टूडेंट्स को योग की थ्योरी पढ़ना अनिवार्य होगा। अभी तक केवल प्रैक्टिकल होता था।