नर्सरी दाखिले में फिर अड़ंगा, हाईकोर्ट की रोक
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हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को नर्सरी दाखिले के लिए अगले सत्र के लिए दिशा-निर्देश तय करने पर रोक लगा दी है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों द्वारा पहले से दाखिलों के लिए जारी दिशा निर्देश को चुनोती देने वाली याचिका के निपटारे तक नए दिशा निर्देश तय न किए जाए। साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई बुधवार को तय कर दी।
जस्टिस मनमोहन सिंह ने अपने मौखिक आदेश में सरकार से कहा है कि निजी स्कूलों की याचिका पर निर्णय आने तक नर्सरी कक्षा में दाखिले के लिए नए दिशा-निर्देश जारी न करे। उन्होंने कहा कि यदि आप दिशा-निर्देश जारी करते हैं तो स्कूलों की ओर से पिछले साल दाखिल की गई याचिका औचित्यविहीन हो जाएगी।
जानिए, क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, कुछ दिनों से नर्सरी दाखिले के लिए नये दिशा-निर्देश जारी करने को लेकर मीडिया में खबरें आ रही थी। निजी स्कूलों ने अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा जब तक उनकी याचिका का निपटारा नहीं होता सरकार नए दिशा निर्देश कैसे जारी कर सकती है।
अदालत के पूछने पर दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि संभवत: एक दो दिनों में नए दिशा निर्देश तय कर दिए जाए। इसी के बाद अदालत ने अगले आदेश तक सरकार को नए दिशा निर्देश तय न करने से मना कर दिया।
अदालत ने साथ ही निजी स्कूलों की याचिका पर सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित करते हुए सरकार और स्कूलों से अपनी लिखित दलीलें में भी पेश करने का निर्देश दिया है।
स्कूलों ने याचिका दायर कर पिछले साल जारी दिशा-निर्देश को रद्द कर दाखिले के लिए प्रबंधन कोटा बहाल करने की मांग की हुई है। स्कूलों ने पिछले साल 18 दिसंबर को जारी दिशा-निर्देश में प्रबंधन कोटा समाप्त किए जाने को स्वायत्ता पर हमला बताया है।
वहीं, दिल्ली सरकार ने स्कूलों की मांग का विरोध करते हुए कहा है कि वर्ष 2013 में हाईकोर्ट द्वारा दाखिले संबंधित फैसले में किए गए टिप्पणी का हवाला देते हुए पिछले साल जारी दिशा-निर्देश को जायज ठहराया।
गाइडलाइंस आने में देरी होने की संभावना
राजधानी में शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए नर्सरी में दाखिले के लिए गाइडलाइंस जल्द आने की जो संभावना बन रही थी उसमें अब देरी होने की संभावना ज्यादा दिखाई दे रही है। दरअसल, सोमवार को कोर्ट ने कहा है कोर्ट के आदेश तक दाखिले के लिए नई गाइडलाइंस नहीं बनाई जा सकती है।
दरअसल, निदेशालय की ओर से गाइडलाइंस का खाका तैयार कर फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजा जा चुका था। ऐसे में उम्मीद बन रही थी कि नवंबर के पहले सप्ताह तक दाखिला दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया ने कहा कि बीते साल भी नर्सरी का मामला कोर्ट में जाने से लगातार लटकता रहा था। अभी गाइडलाइंस आई भी नहीं और मामला कोर्ट पहुंच गया है।
चुनाव हुए तो और बढ़ेगी मुश्किल
वोहरा ने कहा कि यह मान कर चला जा रहा था कि स्कूल कोर्ट जाएंगे लेकिन यह सब इतनी जल्दी हो जाएगा इसकी उम्मीद कम थी।
यदि स्कूल गंभीरता से प्वाइंट सिस्टम में बदलाव चाहते थे तो उन्हें गाइडलाइंस आने तक का इंतजार करना चाहिए था। अब कोर्ट में अगली सुनवाई पांच को होनी है। नर्सरी में आरटीई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 14 नवंबर को होनी है।
यदि कुछ दिनों में दिल्ली में चुनाव के लिए अधिसूचना लागू हो जाती है तो ऐसे में गाइडलाइंस आने में और देरी हो जाएगी। इस तरह से दिसंबर में ही गाइडलाइंस आने की संभावना दिखाई दे रही है। गाइडलाइंस आने से पहले ही ऐसी स्थिति बनने से पैरेंट्स काफी परेशान हैं।
उन्हें फिर लग रहा है कि कहीं बीते साल की तरह नर्सरी दाखिला प्रक्रिया उलझ ना जाए। उनकी फोरम पर लगातार पैरेंट्स अपनी परेशानी व्यक्त कर रहे हैं। गाइडलाइंस पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से पैरेंट्स भी किसी प्रकार की तैयारी नहीं कर सकते हैं।