फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   new guidelines for financial help of university

राज्य विश्वविद्यालयों को परफॉर्मेंस के आधार पर मिलेगा पैसा

Sat, 14 Sep 2013 01:17 AM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/लखनऊ
आशीष कुमार त्रिवेदी/लखनऊ Updated Sat, 14 Sep 2013 01:17 AM IST
विज्ञापन
new guidelines for financial help of university

राज्य विश्वविद्यालयों की परफॉर्मेंस के अनुसार ही अब राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी।

विज्ञापन


12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 25 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इस साल 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू ने दी।

वे शुक्रवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में अंबेडकर भवन का शिलान्यास करने आए थे।

उन्होंने यहां पर वर्तमान शैक्षिक सत्र के आरंभ होने की घोषणा की और साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पॉलिसी 2013 पर आयोजित वर्कशॉप में भी शिरकत की।

केंद्रीय मंत्री एमएम पल्लम राजू ने कहा कि रूसा के लिए बजट का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और इसे आगे कैबिनेट की बैठक में पास करवाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके तहत जो यूनिवर्सिटी बढ़िया प्रदर्शन करेगी उन्हें ही आर्थिक मदद दी जाएगी। परफॉर्मेंस के तहत यूनिवर्सिटी की फैकल्टी के रिसर्च पब्लिकेशन, पढ़ाई करवाने का स्तर आदि आंका जाएगा।

इसके साथ ही सभी राज्यों को अपने-अपने यहां राज्य उच्च शिक्षा परिषद और मूल्यांकन के लिए एजेंसी बनानी होगी ताकि वे इसके जरिए अपने यहां के विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन कर सकें। उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में हमारा पूरा फोकस क्वालिटी एजुकेशन पर ही है।
विज्ञापन


इंटरडिसिप्लीनरी रिसर्च पर करें फोकस
‘साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पॉलिसी 2013’ पर आयोजित वर्कशॉप के समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री ने इंटरडिसिप्लीनरी रिसर्च पर हमें फोकस करने की नसीहत दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि रिसर्च सिर्फ डॉक्यूमेंट तक ही सीमित न रहे बल्कि उसका समाज को पूरा फायदा मिले। इस दौरान आईईटी के डीन प्रो. बीएन मिश्रा ने कहा कि अच्छे आइडिया जनरेट करें और इंडस्ट्री के साथ मिलकर रिसर्च करें तो बेहतर होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed