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कॉलेज छात्रों के लिए परेशानी बनी एचपीयू की ये शर्त

Mon, 27 Apr 2015 04:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 27 Apr 2015 04:18 PM IST
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new condition for college become problem for students.

कॉलेजों में सीबीसीएस के तहत पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया बदल दी गई है। दूसरे और चौथे सत्र की ऑनलाइन एप्लीकेशन में अब हर छात्र का परीक्षा फार्म प्राचार्य की निगरानी में भरा जाएगा। इससे ई-शिक्षा परीक्षा ऑनलाइन एप्लीकेशन की प्रक्रिया और जटिल हो गई है।

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सिर्फ प्राचार्य के लॉगइन से ही विषय और उनके कोड भरे जा सकेंगे। प्राचार्य एक-एक छात्र को बुलाकर उनके विषय और कोड फीड करेंगे। हजारों की संख्या वाले कॉलेजों की परेशानी बढ़ गई है। बदली प्रक्रिया में प्राचार्य के सब्जेक्ट भरने के बाद ही फार्म भरने और चालान जनरेट करने की प्रक्रिया पूरी होगी।
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विषय और विषय कोड गलत भरने की समस्या हल करने से प्राचार्यों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसको लेकर कॉलेज प्राचार्यों में भारी रोष है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने कहा कि कॉलेज आईडी से ऑनलाइन सेंटर स्टेटमेंट न भेजने वाले कॉलेजों में दिक्कत हो सकती है। कॉलेज प्रशासन समस्या बताएं, उसका हल किया जाएगा।
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ये है परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया
दूसरे और चौथे सत्र के छात्रों के फार्म प्राचार्य के लॉगइन से विषय कोड के साथ भरे जा सकेंगे। इसके बाद सेव करने के बाद ही छात्र को अपने लागइन से आगे का ब्योरा भरने की ऑप्शन नजर आएगी और चालान जनरेट होगा। उसके बाद छात्र फीस जमा करवाकर प्रक्रिया पूरी कर दो फार्म की हार्ड कॉपी प्राचार्य के पास जमा करवाएंगे।

पहले यह थी प्रक्रिया
परीक्षा फार्म पहले छात्र अपने लागइन से ही भरता था। नाम, विषय सहित पूरा ब्योरा और चालान से फीस जमा करवाने के बाद छात्र उसका नंबर ऑनलाइन फीड कर प्रक्रिया पूरी करता था। इसकी तीन हार्ड कॉपी प्राचार्य कॉलेज के पास जमा करवाई जाती थी।


लिखित में उठाएंगे समस्या को

नई प्रक्रिया में प्राचार्य अपने लॉगइन से 1600 सौ से अधिक छात्रों के फार्म नहीं भर पाएंगे। सात मई तक प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। प्राचार्य संघ के सचिव एवं संजौली के प्राचार्य डा. जेएस नेगी, कोटशेरा के कॉलेज प्राचार्य डा. उमा रणदेव ने कहा कि सैकड़ों छात्रों के फार्म निगरानी में भरवाना संभव नहीं है। समस्या लिखित में विवि से उठाई जाएगी। वे अपना लागइन भी किसी को नहीं दे सकते।

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