NCERT: स्कूली बच्चों के लिए बोलने वाली किताबें
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देशभर के स्कूलों में विशेष जरूरतमंद बच्चे अब अपनी किताबों को गानों की तरह सुन सकेंगे। ऐसे बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए बोलने वाली (ऑडियो) किताबें तैयार की गई हैं।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से जुड़े केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी) ने ये पुस्तकें तैयार की हैं।
सीआईईटी ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सामान्य बच्चों के लिए बोलने वाली (ऑडियो) पुस्तकों की योजना शुरू की थी, जिसके तहत 9वीं से 11वीं की पुस्तकें तैयार की गई थीं। अब सीआईईटी ने अपनी इस योजना को विस्तार दिया है। इसके अंतर्गत विशेष जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने की कोशिश की गई है।
पढ़ाई से जी नहीं चुराएंगे बच्चे
एनसीईआरटी से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हर क्षेत्र में बढ़ रहा है, लिहाजा जरूरी है कि इसके इस्तेमाल से पढ़ाई को भी रोचक बनाया जाए।
देखने में आता है कि शारीरिक अशक्तता के चलते छात्रों में हीन भावना आ जाती है, जिससे वह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। ऐसे में अगर उन्हें पढ़ाई के लिए रोचक विकल्प दिए जाएं तो निश्चित तौर पर वह पढ़ाई से जी नहीं चुराएंगे।
ऑडियो बुक तैयार करने के पीछे सीआईईटी की सोच है कि हर बच्चे की जरूरत दूसरे बच्चे से अलग होती है। किसी को पढ़कर समझ आता है तो किसी को सुनकर बातें आसानी से समझ आ जाती हैं।
ये ऑडियो बुक हुईं तैयार
छठी कक्षा की अंग्रेजी विषय की हनी स्कूल, कक्षा छठी की संस्कृत की रुचिरा-1, हिंदी की वंसत-1, कक्षा सातवीं के लिए संस्कृत की रुचिरा-2, आठवीं कक्षा की संस्कृत की रुचिरा-3, कक्षा बारहवीं की हिंदी की अंतराल।
डेजी सॉफ्टवेयर करना होगा डाउनलोड
जरूरतमंद छात्रों को इन ऑडियो बुक को सुनने के लिए अपने कंप्यूटर पर डेजी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना होगा। इसकी मदद से छात्र को सभी पृष्ठों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि वह सीधे किसी भी चैप्टर, पेज, पैराग्राफ पर जा सकेंगे। पाठक टैब कुंजी की मदद से इनको नेविगेट कर सकते हैं।
सामान्य छात्रों के लिए भी पुस्तकें उपलब्ध
सामान्य छात्रों के लिए भी अन्य विषयों की किताबें तैयार हो गई हैं। इनमें छठवीं की संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी, सातवीं की संस्कृत, आठवीं की संस्कृत और हिंदी, नौवीं की अंग्रेजी, हिंदी, सोशल साइंस शामिल हैं।