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सूचना प्रौद्योगिकी में और मजबूत होगा उत्तराखंड
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 26 Mar 2014 10:13 AM IST
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उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से राष्ट्रीय इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) के शिक्षण केंद्र और उपकेंद्र की स्थापना की जाएगी।
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले ही सेंटर खोलने की अनुमति दे दी थी। राज्य सरकार ने इसके लिए भूमि भी चिन्हित कर ली है। हरिद्वार सिडकुल में एनआईईएलआईटी का मुख्य केंद्र खुलेगा।
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इसमें इंजीनियरिंग के अलावा कंप्यूटर और इलेक्ट्रानिक के डिप्लोमा कोर्स सहित अन्य रोजगारपरक अल्प अवधि कोर्सेज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा उपकेंद्र के लिए सरकार ने अल्मोड़ा में भूमि चिन्हित की है।
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एनआईईएलआईटी की स्थापना मानव संसाधान मंत्रालय ने युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा सुविधाएं देने के लिए की है। संस्थान मुख्यत कंप्यूटर के डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों के लिए अत्याधुनिक शिक्षा सुविधा सहित कई प्रोफेशनल कोर्स करवाएगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने 70 करोड़ की लागत से बनने वाले केंद्र के लिए हरिद्वार सिडकुल में 10 एकड़ भूमि चिन्हित की है। 30 करोड़ की लागत से अल्मोड़ा में बनने वाले उपकेंद्र के लिए ढामक गांव में पांच एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
शासन ने भूमि चिन्हित कर धनराशि जारी करने के लिए प्रस्ताव मानव संसाधन मंत्रालय को भेज दिया है।
किस तरह के हैं कोर्स
- बेसिक कंप्यूटर कोर्स
- कंप्यूटर हार्डवेयर कोर्स
- बायो इन्फोर्मेटिक कोर्स
- बीपीओज ट्रेनिंग प्रोग्राम
- इन्फार्मेंशन सिक्योरिटी सर्टिफाइड स्कीम
- पीजी डिप्लोमा कोर्सेज
- बीटेक और एमटेक
ई-गवर्नेंस को बढ़ावा
एनआईईएलआईटी में ई-गवर्नेंस के तहत सरकारी विभागों के कर्मचारियों के ट्रेनिंग प्रोग्राम की सुविधा रहेगी।
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संस्थान सरकार के लिए आईटी की परियोजनाओं में हिस्सेदारी के लिए सक्षम होगा। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर में आईटी सेवाएं देने की व्यवस्था भी रहेगी।