'UPSC के प्रतियोगियों को न दें ये जानकारी'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘‘परीक्षा में नाकाम रहने वाले उम्मीदवार चयनकर्ताओं को अपना निशाना बना सकते हैं, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके मद्देनजर यूपीएससी परीक्षा में इंटरव्यू लेने वालों का नाम व पहचान जाहिर करना उनके लिए खतरनाक हो सकता है।’’
यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने एक मामले का निपटारा करते हुए की। जस्टिस मनमोहन ने केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें इंटरव्यू लेने वालों की पहचान उनके नाम, पद, योग्यता समेत जाहिर करने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने से इंटरव्यू लेने वालों को खतरा हो सकता है। इसके मद्देनजर यह आरटीआई एक्ट में ऐसी जानकारी नहीं दी जा सकती।
असल में इस वजह से लिया गया है ये फैसला
मामला ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया के पद पर नियुक्ति से जुड़ा है। परीक्षा में नाकाम रहे उम्मीदवारों ने चयन समिति में इंटरव्यू लेने वालों के नाम, पता व योग्यता संबंधी सूचना आरटीआई एक्ट के तहत मांगी थी।
कोर्ट ने कहा कि यह जानकारी आम करने से असंतुष्ट उम्मीदवार इंटरव्यू लेने वाले के सामने खतरा पैदा कर उसे प्रभावित कर सकता है। अगर परीक्षक की जानकारी परीक्षा देने वालों के सामने जाहिर होगी तो परीक्षक खतरे की आशंका के मद्देनजर अपनी ड्यूटी का निर्वाह ठीक से नहीं कर पाएगा।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने आयोग के आदेश को खारिज करने की मांग की थी। यूपीएससी ने अपनी दलीलों में कहा कि परीक्षा के अंक, राय, विशेषज्ञों की सलाह को विश्वास के संबंध के मद्देनजर जाहिर नहीं किया जाता।