गरीब वर्ग के दाखिले में आनाकानी पर निदेशालय सख्त
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आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित वर्ग के बच्चों का लॉटरी में नाम आने पर भी उन्हें निजी स्कूल दाखिला देने से इंकार कर रहे हैं। निजी स्कूलों की ऐसी मनमानी के खिलाफ अब शिक्षा निदेशालय ने शिकंजा कसा है।
निदेशालय ने सख्ती दिखाते हुए आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि स्कूल दूरी को आधार बनाकर दाखिला देने से मना नहीं कर सकते हैं।
स्कूलों को कहा गया है कि जो भी चयनित आवेदक दाखिले की सभी औपचारिकताओं को पूरा कर रहा हो तो स्कूल उन पर संतोषजनक ढंग से ध्यान दें।
शिक्षा निदेशालय ने आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित वर्ग के दाखिलों के लिए केन्द्रीयकृत दाखिला प्रक्रिया को शुरू किया था। इस प्रक्रिया केतहत बीते सोमवार को गरीब वर्ग के आवेदकों के लिए दिल्ली सचिवालय में कंप्यूटराइज्ड लॉटरी की गई।
22 फरवरी तक दाखिले के लिए करना होगा संपर्क
लॉटरी में नाम आने के बाद इस वर्ग के आवेदकों को 22 फरवरी तक स्कूलों से संपर्क करने को कहा गया। उपशिक्षा निदेशक (एक्ट-1) पी लता तारा के मुताबिक अब शिक्षा निदेशालय को जानकारी मिल रही हैं कि लॉटरी में चयनित आवेदकों को स्कूल अनुचित आधार पर दाखिला देने से मना कर रहे हैं।
ऐसे में उन्होंने आदेश जारी कर कहा है कि वह गरीब वर्ग के आवेदकों का इंतजार 22 फरवरी तक करें। इस तय तिथि तक आवेदक नहीं आने पर स्कूलों को आवेदक नहीं पहुंचे के बटन पर क्लिक करना होगा।
सभी जिला उपशिक्षा निदेशकों को आदेश दिया गया है कि वह आवेदकों की शिकायतों का निपटारा सही तरीके से करें। यदि जरूरत हो तो जिला उपशिक्षा निदेशक स्कूलों को उचित निर्देश भी जारी कर सकते हैं।