{"_id":"2fd90291975575612b598adbf624655a","slug":"mphil-phd-entrance-in-punjab-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू के लिए कमाई का जरिया बना MPhil-Phd एंट्रेस","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
पीयू के लिए कमाई का जरिया बना MPhil-Phd एंट्रेस
सुमित सिंह श्यौराण /अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Jul 2014 11:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) प्रशासन की ओर से हर साल आयोजित किए जाने वाला पीएचडी-एमफिल एंट्रेंस एग्जाम कमाई का जरिया बन चुका है। स्टूडेंट्स द्वारा एग्जाम क्लीयर करने पर भी दाखिले की गारंटी नहीं है।
विज्ञापन
पीयू के विभागों में पीएचडी की खाली सीटों की जानकारी ही नहीं दी जाती। पीएचडी गाइड की भी कमी है। एंट्रेंस एग्जाम के नाम पर फीस से ही पीयू को लाखों की कमाई हो रही है। इसके बावजूद स्टूडेंट्स को दाखिला न मिलना हैरत भरा है।
विज्ञापन
पीएचडी-एमफिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों के साथ धोखा हो रहा है। 1800 रुपये खर्च कर एंट्रेंस क्लीयर करने वाले अधिकतर युवा बाद में खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। एमफिल के लिए तो कुछ सीटें खाली मिल जाएंगी, लेकिन पीएचडी में रजिस्ट्रेशन के लिए भावी रिसर्च स्कॉलर की लंबी वेटिंग लाइन है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार पीयू के करीब 75 विभागों में पीएचडी करने के इच्छुक 400 से अधिक नेट और जेआरएफ क्लीयर स्टूडेंट दो साल से वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं। प्रोफेसर भी पीयू एंट्रेंस की तुलना में नेट और जेआरएफ क्लीयर करने वालों को तव्वजो देते हैं।
इनसो छात्र नेता अनिल घनघस का कहना है कि जब यूजीसी नेट और जेआरएफ क्लीयर युवाओं को हो पीएचडी में दाखिला नहीं मिल पा रहा है तो साफ है कि एंट्रेंस का मकसद सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाना है। अनिल ने कहा कि पीयू अन्य यूनिवर्सिटी के मुकाबले सबसे अधिक एंट्रेंस फीस वसूलता है।
एंट्रेंस फीस से 60 लाख कमाई, 10 हजार में देखों आंसरशीट
पीयू 27 जुलाई को पीएचडी-एमफिल एंट्रेंस टेस्ट लेगा। टेस्ट की फीस जनरल कैटेगरी में 1800 और रिजर्व कैटेगरी में 900 रुपये है। इस बार पीएचडी-एमफिल एंट्रेंस टेस्ट के लिए 59 विभागों में 3695 स्टूडेंट्स ने आवेदन किया है।
एक अनुमान के मुताबिक जनरल और रिजर्व कैटेगरी से पीयू 60 लाख से अधिक की कमाई कर लेगा। वहीं, पीयू ने कमाई का एक ओर तरीका निकाला है। किसी छात्र को टेस्ट की आंसरशीट की फोटोकॉपी चाहिए तो उसे 10 हजार रुपये अदा करने होंगे।
पंजाबी में सबसे अधिक 431 आवेदन
पीएचडी-एमफिल एंट्रेंस टेस्ट के लिए पंजाबी विभाग से सबसे अधिक 431 आवेदन आए हैं। अन्य विषयों में अंग्रेजी (327) कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (233) ह्यूमन रिसोर्स (158) डिपार्टमेंट ऑफ लॉ (140) इकोनॉमिक्स (136) हिस्ट्री और फाइनेंस में (123) साइकोलॉजी(110),केमिस्ट्री(113) हिंदी(107) पालिटिकल साइंस (101) और मास कम्यूनिकेशन में 42 स्टूडेंट ने आवेदन किया है। उधर फ्रेंच (1), रशियन (2), तिब्बितियन (3), सिविल इंजीनियरिंग (4), यूआईएलएस और इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री (5) और बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में सिर्फ सात स्टूडेंट ने आवेदन किया है।
पीएचडी से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट दो साल के लिए है मान्य
- पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट में दो पेपर क्लीयर करने जरूरी
- पहले पेपर में 55 फीसदी अंक आने पर ही दूसरा पेपर चैक किया जाएगा
- दोनों पेपर 50-50 अंक के
- सिर्फ चंद विषयों मेें हिंदी और पंजाबी विषय में पेपर देने की छूट
कोट्स
विभाग ही खाली सीटों की जानकारी नहीं देते। इस मामले को पहले भी डीयूआई के साथ उठाया गया था। स्टूडेंट्स को पीएचडी की खाली सीटों की जानकारी मिलनी चाहिए।
-प्रो. ललित के बंसल (डीन रिसर्च पंजाब यूनिवर्सिटी)