इसलिए 100 स्कूलों के छात्रों नहीं मिली स्कॉलरशिप

सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 21 Jan 2014 10:34 AM IST
more than 100 schools have wrong bank account
एक ओर शासन की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चों को सहायता राशि मुहैया कराने की योजना बनाई जाती है। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी विभागों की लापरवाही से ऐसे बच्चे लाभ पाने से वंचित होने को मजबूर हैं। आलम यह है कि सौ से ज्यादा स्कूलों के पास स्कॉलरशिप के फंड ट्रांसफर के लिए जरूरी कोर बैंकिंग खाते ही नहीं हैं।

स्कूलों की ओर से समाज कल्याण विभाग को दिए गए खाते मैनुअल पाए गए। दरअसल, बच्चों को स्कॉलरशिप की राशि के ट्रांसफर के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से स्कूलों को कोर बैंकिंग अकाउंट खुलवाने की बात पहले ही बताई गई थी। इसकी वजह, स्कूलों को ई-पेमेंट के जरिए खाते में पैसा भेजना था।

लेकिन सौ से ज्यादा स्कूलों के मैनुअल खाते का नंबर समाज कल्याण विभाग के पास भेजा गया। इस वजह से फंड ट्रांसफर नहीं हो पाया। इसके अलावा प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों के खाते अलग-अलग खुलवाने का भी निर्देश दिया गया था, लेकिन यहां भी कई प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों के बैंक खाते संयुक्त रूप से चल रहे हैं। विभाग व स्कूलों की लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

‌कैसे होता फंड का ट्रांसफर?
शासन की ओर से स्कॉलरशिप का फंड जिले में समाज कल्याण विभाग में आता है। समाज कल्याण विभाग पात्र बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी लेता है और उसी के मुताबिक स्कूलों को फंड का ट्रांसफर करता है। फंड ट्रांसफर ई-पेमेंट के जरिए होता है। इसके लिए कोर बैंकिंग अकाउंट का होना जरूरी होता है।

कैसा होने चाहिए बैंक अकाउंट?
स्कूलों के लिए स्कॉलरशिप का फंड ग्राम शिक्षा निधि के खातों में जाता है। यह खाता संयुक्त रूप से स्कूल के प्रिंसिपल व ग्राम प्रधान के नाम से खुला होता है। ग्राम शिक्षा निधि के खाते में फंड आने के बाद इसे निकाला जाता है और स्कूलों के प्रिंसिपल इसे अपने-अपने स्कूलों में वितरित करते हैं।

किनको मिलनी थी एडवांटेज?
जिले में आठवीं तक मान्यता प्राप्त स्कूलों के पात्र बच्चों को प्रत्येक वर्ष इसका लाभ दिया जाता है। इसमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्ग के गरीब परिवार के पात्र छात्र-छात्राओं को लाभ दिया जाता है। समाज कल्याण विभाग के मुताबिक जिले में 1495 स्कूलों को स्कॉलरशिप के फंड का ट्रांसफर करना था।

खंड शिक्षा अधिकारी करुणा शर्मा ने कहा ‌कि जिन स्कूलों के खातों में गड़बड़ी की वजह से फंड का ट्रांसफर नहीं हो पाया है। उन स्कूलों के प्रिंसिपल को तीन दिन के भीतर खाते खुलवाने का निर्देश दिया गया है। वहीं प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों को नियम के मुताबिक खाते खुलवाने का भी निर्देश दिया गया है ताकि ई-पेमेंट में किसी तरह की बाधा न आए।

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