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मोबाइल के डर से छात्र पहुंच रहे कॉलेज
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 08 Dec 2013 12:10 PM IST
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आईटीआई में मोबाइल से की जा रही मॉनिटरिंग बड़े काम की है। एसएमएस के डर से बच्चे क्लास पहुंचकर प्रजेंट सर कहने लगे हैं।
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वहीं शिक्षकों को भी नौकरी जाने का डर सताने लगा है। दूर दराज की आईटीआई खुली की नहीं, कितने शिक्षक और बच्चे उपस्थित हैं इसकी जानकारी प्रतिदिन शासन को बैठे-बैठे मिल रही है।
इस योजना के बेहतर नतीजे आने के बाद सरकार इसे सभी पॉलिटेकिभनक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी लागू करने जा रही है।
प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का माहौल बेहतर बनाने के लिए सरकार ने कुछ महीनों पहले मोबाइल सिस्टम से मॉनिटरिंग शुरू की थी। पूरी तरह से मोबाइल आधारित इस सिस्टम के शुरू होने से आईटीआई में लेटलतीफी और न आने वाले शिक्षकों व बच्चों की संख्या घटी है।
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मोबाइल कंपनी से करार
दरअसल इस सिस्टम के माध्मय से घर बैठे अभिभावक को उनके मोबाइल पर एसएमएस से बच्चे के न आने की जानकारी भेजी जा रही है। वहीं शिक्षकों की जानकारी सीधे शासन आ रही है। इसके माध्यम से अन्य जरूरी सूचनाओं का आदान प्रदान भी किया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए एक मोबाइल कम्पनी से करार किया है।
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70 कालेज जूड़े
अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि अक्सर आईटीआई न खुलने, शिक्षकों के न पहुंचे और बच्चों की गैरहाजिरी की शिकायतें आती थीं। इसी को देखते हुए प्रदेश की सभी 70 आईटीआई को इससे जोड़ा गया है।
इसके नतीजे बेहतर आए हैं सुबह और दोपहर को होने वाली अटेंडेंस की सूचना शासन तक पहुंच रही है। इसके बाद पढ़ाई का माहौल भी बना है। इसी तरह जल्द ही सभी कॉलेज जोड़े जाएंगे।