फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   mobile app made by four kashmiri girls

4 कश्मीरी लड़कियों ने बनाया ऐसा एप कि बन गई मिसाल

Fri, 31 Jan 2014 08:06 PM IST
सुमित सिंह श्यौराण/डिजिटल टीम, चंडीगढ़
सुमित सिंह श्यौराण/डिजिटल टीम, चंडीगढ़ Updated Fri, 31 Jan 2014 08:06 PM IST
विज्ञापन
mobile app made by four kashmiri girls

कश्मीर की चार लड़कियों ने चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान एक ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिससे न सिर्फ हजारों छात्रों की पढ़ाई में फायदा होगा, ब्लकि कश्मीर या अन्य राज्यों से यहां पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए ये लड़कियां एक मिसाल होंगी।

विज्ञापन


कालेज प्रशासन ने इसके लिए बकायदा इन्हें एक-एक लाख इनाम देने के साथ-साथ अगले समेस्टर की किताबें तक फ्री कर दी हैं।

आर्यन ग्रुप आफ कालेज में बीटेक कर रही इन चारों मुस्लिम छात्राओं ने एंड्रायड यूजर्स के लिए एक एप तैयार किया है। इसका मकसद छात्रों को कॉलेज की हर जानकारी से अपडेट रखना है। कैंपस को पेपर फ्री बनाने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन


इन लड़कियों में रुमेशा बशीर, जीनत, यादिया और यूसरा शामिल हैं। ये प्रोजेक्ट उन्होंने एचओडी मनप्रीत मान की देखरेख में बनाया है। एप बनाने का मकसद पूछने पर छात्राओं ने बताया कि वे कश्मीर से यहां पढ़ने आईं हैं। जब छुटिट्यों में वे अपने घर जाती हैं तो उन्हें कॉलेज के किसी नोटिस, एटेंडेंट, डेटशीट आदि की अपडेट जानकारी नहीं मिल पाती थी। कारण, कश्मीर में एसएमएस सुविधा बैन है और हम कश्मीर जाते ही कॉलेज से कट जाती थीं। इस एप से उन्हें कालेज से जुड़ी हर अपडेट जानकारी मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये एप आर्यन कॉलेज के विभिन्न संकायों में पढ़ने वाली करीब 700 कश्मीरी छात्राओं को तो लाभ देगा ही, साथ ही कालेज में पढ़ रहे करीब पांच हजार स्टूडेंट्स के लिए भी लाभदायक होगा।

कालेज के चेयरमैन अंशु कटारिया ने बताया कि ये अपनी तरह का अलग तरह का एप है। इसके माध्यम से देशभर के छात्र, जोकि छुट्टियों में घर जाते हैं, उन्हें इस एप के माध्यम से कालेज की सूचनाओं से अपडेट किया जाता रहेगा। इस ऐप में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए अलग-अलग लॉगइन की व्यवस्था की गई है। हर किसी के प्रोफाइल में उनके संबंधी जानकारी को अपडेट कर दिया गया है।

चेयरमैन अंशु कटारिया ने बताया कि ये एप बनाने वाली छात्राओं को एक-एक लाख रुपये का इनाम और अगले समेस्टर की किताबें फ्री मिलेंगी।ं

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed