फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   misuse of student union funds

छात्रों के रुपए गटक जाते हैं 'नेताजी'

Mon, 02 Sep 2013 06:12 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 02 Sep 2013 06:12 PM IST
विज्ञापन
misuse of student union funds

हर साल छात्र संघ चुनाव में दांव खेलने वाले प्रत्याशियों की नजर छात्र संघ कोष पर भी होती है। यह कोष हर कॉलेज में छात्र संख्या पर निर्भर तो करता है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल गत कई वर्षों से नजर नहीं आया।

विज्ञापन


डीएवी कॉलेज में गत वर्ष छात्र संघ कोष में करीब 13 लाख रुपए एकत्र हुए थे। इससे पिछले वर्ष यह रकम करीब 12.5 लाख रुपए थी। हर साल चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए यह पैसा भी चुनाव की चुनौतियां बढ़ा देता है।
विज्ञापन


पढ़े, मुफ्त की शराब के लिए 'छात्रों' ने काटा हंगामा
विज्ञापन
विज्ञापन


एसजीआरआर पीजी कॉलेज में छात्र संघ कोष सालाना करीब 2.5 लाख रुपए होता है। डीबीएस कॉलेज में यह कोष करीब 1.75 लाख रुपए होता है। साल दर साल बढ़ रही छात्रों की संख्या के बीच यह छात्र संघ कोष केवल एक छात्र संघ समारोह कराने तक सीमित है।

जिन छात्रों के कल्याण के लिए छात्र संघ और छात्र संघ कोष का प्रावधान किया गया था, वह अब गौण सा हो गया है। छात्र अपने शुल्क में से एक निश्चित रकम हर साल छात्र संघ कोष के लिए देते हैं, लेकिन इसमें उनका कल्याण कम ही नजर आता है।

इस बार 18 लाख
डीएवी पीजी कॉलेज में गत वर्ष छात्र संघ कोष में करीब 13.5 लाख रुपए जमा हुए थे, जिसमें इस वर्ष भारी बढ़ोत्तरी होने जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने छात्र संघ कोष के लिए ली जाने वाली रकम में बढ़ोत्तरी कर दी है।

पढ़े, ये है दबंगई और मनमानी की हद


इस साल प्रति छात्र 40 के बजाए 50 रुपए कोष में लिया गया है। इस तरह इस साल छात्र संघ के पास खर्च करने को 18 लाख रुपए से ऊपर होंगे। यहां अहम बात यह भी है कि कोष के समानांतर ही छात्र संगठनों के बीच चुनावी खर्च भी बढ़ता जा रहा है।

इन मुद्दों पर राजनीति की दरकार
- डीएवी में छात्र संख्या के लिहाज से इंफ्रास्ट्रक्चर कहीं भी नहीं टिकता।
- कॉलेज में छात्र संघ चुनाव और सालभर चलने वाले हंगामे प्रदर्शनों की वजह से भी शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
- डीएवी में गत कई वर्षों से नए शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई।
- डीएवी में छात्रों के लिए शौचालयों की कोई व्यवस्था नहीं है। है भी तो सफाई नाममात्र को है।
- डीएवी कॉलेज में मौजूद विभिन्न प्रयोगशालाएं बेहद जीर्ण हालत में हैं। पानी टपक रहा है, जर्जरता की हदें पार हो चुकी हैं।
- डीएवी कॉलेज में नैक का एक्रिडिएशन नहीं है। यूजीसी के नियमानुसार अब नैक स्कोर वाले कालेज को ही यूजीसी की ग्रांट मिल पाएगी।
- डीबीएस कॉलेज में विभिन्न पाठ्यक्रम आज भी स्व:वित्तपोषित चल रहे हैं।
- एसजीआरआर कॉलेज में नैक एक्रिडिएशन है लेकिन यहां भी कई व्यवस्थाओं में छात्र नेता सुधार करा सकते हैं।

हमने अपने कार्यकाल में क्रिकेट की प्रैक्टिस पिच बनवाई, पहले छात्रों को परेड ग्राउंड जाना पड़ता था। स्व. ठाकुर पूर्ण सिंह जी की नई मूर्ति लगवाई। शहीद स्मारक का पुनरुद्धार कराया।
- महेश जगूड़ी, अध्यक्ष, डीएवी कॉलेज

हमने कॉलेज में पहली बार कैंटीन बनवाई, गर्ल्स वेटिंग रूम बनवाया। लाइट की व्यवस्था सही करवाई और कालेज में वाटर कूलर लगवाए। रीडिंग रूम के लिए आंदोलन किया तो वह पूरा नया बना।
- देवेंद्र सिंह, महासचिव, डीबीएस कॉलेज

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed