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UPMT: खामियों से छात्रों का पेपर हुआ 'खराब'
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 18 May 2015 10:31 AM IST
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एमबीबीएस व बीडीएस में दाखिले के लिए हुए उत्तराखंड प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट (यूपीएमटी) में प्रश्न पत्र की त्रुटियां छात्रों के लिए मुसीबत बनी।
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रविवार को कई केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीन भी परेशानी का सबब बनी। हालांकि, विवि ने साफ किया है कि मूल्यांकन में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेशभर में 23 परीक्षा केंद्रों पर 12106 में से 11542 छात्रों ने ही परीक्षा दी, शेष छात्र अनुपस्थित रहे।
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परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को खास सख्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। विवि ने परीक्षा से तीन दिन पहले बायोमेट्रिक मशीन में भी अंगुलियों के निशान लेने की घोषणा की, लेकिन परीक्षा के दिन यह सही तरीके से परवान नहीं चढ़ पाई।
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गर्मी की वजह से कहीं पसीने में फिंगर प्रिंट नहीं आ पाए तो कई जगहों पर पूरे अभ्यर्थियों के निशान नहीं लिए जा सके। हालांकि, विवि का दावा है कि सभी अभ्यर्थियों के निशान लेने के साथ ही फोरेंसिक स्याही से भी निशान लिए गए हैं।
ये रही गड़बड़ी
रविवार को हुए यूपीएमटी में एक सेट में सवाल नंबर 171 में ‘गॉल्जी काय निमभनलिखित से संचरित होता है’ सवाल के जवाब में विकल्प ‘ए’ सिस्टर्नी, ट्यूव्यूल्स एवं वैक्यूओल्स दिया गया है, जबकि यही विकल्प ‘सी’ में भी दिया गया है।
इसी प्रकार सवाल संख्या 82 में ‘निमभन यौगिकों में से कौन आइडोफॉर्म अभिक्रिया देगा’ में दो विकल्प ‘बी व सी’ में एक जैसे विकल्प ‘3-पेंटानोन’ दिए गए हैं। इसके अलावा विशेषज्ञों ने फिजिक्स के सेट ए में सवाल नंबर 15 और 47 में गलती होने की बात कही है। बताया कि इनके जवाब विकल्पों से मैच नहीं कर रहे हैं।
11542 ने दी परीक्षा
देहरादून सहित प्रदेश के आठ शहरों के 23 परीक्षा केंद्रों पर हुए यूपीएमटी में सबसे ज्यादा देहरादून में 5785, हल्द्वानी में 3476, अल्मोड़ा में 504, श्रीनगर (गढ़वाल) में 568, गोपेश्वर में 165, उत्तरकाशी में 176, कोटद्वार में 498 एवं पिथौरागढ़ में 370 अभ्यर्थी शामिल हुए।
ठगों के पकड़े जाने से रही काफी सतर्कता
परीक्षा से ठीक एक रात पहले पकड़े गए छह ठगों की वजह से काफी सतर्कता रही। न केवल विवि बल्कि पुलिस प्रशासन ने भी परीक्षा शांतिपूर्ण कराने में जान लगा दी। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को मोबाइल, घड़ी आदि कुछ भी सामान नहीं ले जाने दिया गया।
विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत व परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के साथ ही शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एमएसएम रावत व कुमाऊं विवि के पूर्व कुलपति प्रो. सीपी बड़थ्वाल को एक्सपर्ट टीम में रखकर चेकिंग अभियान चलाया गया। किसी भी केंद्र पर कोई मुन्नाभाई नहीं पकड़ा गया।
परीक्षा प्रश्न पत्र में अगर कुछ त्रुटियां आई हैं तो उन्हें दूर करने के बाद ही रिजल्ट जारी किया जाएगा। हम एक सप्ताह में आंसर की जारी करेंगे। इस पर आपत्तियां मंगाकर अंतिम परिणाम जारी करेंगे। इसलिए छात्र परेशान न हों।
- डॉ. यूएस रावत, कुलपति, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी