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आदेश पर अधिकारियों में मतभेद, हजारों स्टूडेंट का भविष्य फंसा

Sun, 01 Dec 2013 02:44 AM IST
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ Updated Sun, 01 Dec 2013 02:44 AM IST
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missunderstanding in orders creats problem for students

लखनऊ। एलयू में फीस जमा करने की तारीख बढ़ाए जाने को लेकर अधिकारियों में आपसी मतभेद होने का खामियाजा हजारों स्टूडेंट को भुगतना पड़ रहा है।

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सेमेस्टर परीक्षाओं में बैठने वाले स्टूडेंट शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में दिनभर भटकते रहे मगर फीस जमा करने का आदेश जारी होने के बावजूद न तो उनके परीक्षा फॉर्म जमा हुए और न ही परीक्षा शुल्क जमा किया गया।
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परीक्षा फॉर्म व शुल्क जमा करने के लिए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर शारदा इंस्टीट्यूट, डॉ. अंबेडकर लॉ कॉलेज व शिया पीजी कॉलेज सहित कई कॉलेजों के स्टूडेंट शामिल थे।
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इसे लेकर छात्रों ने हंगामा भी किया लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। 3 दिसंबर से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और स्टूडेंट के पास फीस जमा करने के लिए केवल सोमवार का ही दिन बचा है।

ऐसे में अगर फीस जमा करने का आदेश जारी होने के बावजूद स्टूडेंट परीक्षा शुल्क व फॉर्म नहीं जमा कर पाए तो उनका दाखिला लेना ही बेकार हो जाएगा।

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क्योंकि जब वह परीक्षा ही नहीं दे पाएंगे तो फिर दो हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ फीस जमा करने का कोई फायदा नहीं होगा। फिलहाल इस आदेश पर विवि प्रशासन कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाया है।

ऐसे में हजारों स्टूडेंट का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कैप्टन अमिताभ प्रकाश ने परास्नातक व स्नातक (मैनेजमेंट कोर्स) के विषम सेमेस्टर व स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष के स्टूडेंट्स की फीस दो हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई थी।

इसके बाद कॉलेजों ने आनन-फानन में अपने यहां स्टूडेंट्स की फीस जमा कर ली और उनके परीक्षा फॉर्म भी भरवा दिए। इसके बाद शनिवार को वे एलयू में परीक्षा फॉर्म व परीक्षा शुल्क जमा करने पहुंचे तो परीक्षा विभाग के अधिकारियों ने फॉर्म पर हस्ताक्षर से इन्कार कर दिया।

परीक्षा नियंत्रक प्रो. अकील अहमद छुट्टी पर थे। रजिस्ट्रार के आदेश पर फीस जमा करने वाले स्टूडेंट डिप्टी रजिस्ट्रार (परीक्षा) अर्चना जौहरी के पास पहुंचे तो उन्होंने परीक्षा फॉर्म व परीक्षा शुल्क जमा करने से मना कर दिया।

इसके बाद मामला प्रति कुलपति प्रो. एके सेन गुप्ता के पास पहुंचा तो उन्होंने परीक्षा विभाग से बात की लेकिन मामला नहीं बना। परीक्षा नियंत्रक प्रो. अकील अहमद का तर्क था कि 12 नवंबर तक विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख थी।

इसके बाद कोई तारीख नहीं बढ़ी है। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बीती 12 नवंबर से ऐसे तमाम स्टूडेंट्स को जो समय पर फीस नहीं भर पाए थे वह उनके पास आ रहे थे और वे लगातार वापस उन्हें कर रहे थे।

आखिर बिना फैसला देखे वह अंतिम निर्णय कैसे कर लें। स्टूडेंट दिन भर एलयू में कैशियर कार्यालय और परीक्षा विभाग के बीच भागते रहे लेकिन कोई अधिकारी उन्हें इसके बारे में सही-सही जानकारी नहीं दे पाया।

ऐसे में देर शाम को स्टूडेंट मायूस होकर लौट गए। अब उनके पास सिर्फ सोमवार का ही समय बचा है और विश्वविद्यालय में अधिकारी अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाए हैं। ऐसे में हजारों स्टूडेंट्स का कॅरिअर दांव पर लग गया है।

27 को मान्यता मिली तो कैसे जमा करें फीस
एलयू से संबद्ध शारदा इंस्टीट्यूट के बीबीए के स्टूडेंट अपना परीक्षा फॉर्म लेकर एलयू में भटक रहे थे। उन्होंने परीक्षा विभाग से संपर्क किया लेकिन कहीं बात नहीं बनी।


इसके बाद एलयू प्रशासन ने उन्हें वापस कर दिया। इन स्टूडेंट्स के साथ कॉलेज के लोग भी मौजूद थे उनका कहना था कि आखिर 27 नवंबर को उन्हें बीबीए की मान्यता का पत्र जारी हुआ तो वह किस तरह शुल्क जमा करें। फिलहाल परीक्षा फॉर्म न जमा होने के कारण वह मायूस होकर शाम को लौट गए।

एलएलबी का स्टूडेंट लाया कोर्ट का आदेश
एलएलबी त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर में पढ़ने वाले स्टूडेंट संतोष कुमार को कोर्ट से आदेश मिल गया है कि उसका फॉर्म व फीस जमा करवा ली जाए।

स्टूडेंट की परीक्षा दिसंबर के पहले सप्ताह में हैं। अब एलयू कोर्ट के इस फैसले के आधार पर छात्र की फीस जमा करवाएगा। वह इस आदेश की कापी पर मंथन कर रहा है।

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