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LU: रिस्ट्रक्शंस हुए कम, मनमाफिक चुनें सब्जेक्ट्स
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 28 Apr 2014 11:04 AM IST
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एलयू में बीए में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स को इस बार सब्जेक्ट चुनने की पूरी आजादी होगी।
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यूनिवर्सिटी ने सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन पर जो रिस्ट्रक्शन लगाए थे, उन्हें काफी कम कर दिया है। ऐसे में अब स्टूडेंट्स को बीए में अपने तीन मनपसंद सब्जेक्ट चुनने में अधिक माथापच्ची नहीं करनी होगी।
अब तक जो व्यवस्था चली आ रही है, उसके तहत बीए में 10 अलग-अलग ग्रुप में सब्जेक्ट तीन श्रेणी में विभाजित किए गए हैं और उसमें से एक-एक सब्जेक्ट स्टूडेंट को लेना होता है लेकिन नए शैक्षिक सत्र में जो स्टूडेंट दाखिला लेंगे, उन्हें सब्जेक्ट चुनने की आजादी होगी।
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बीए में कुल 1,410 सीटें हैं और विभिन्न विभागों में सब्जेक्ट के अनुसार अलग-अलग सीटें निर्धारित हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा है कि बीए में स्टूडेंट अधिक से अधिक अपनी पसंद के सब्जेक्ट चुन सकें।
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अभी तक करीब 50 प्रतिशत सब्जेक्ट स्टूडेंट रिस्ट्रक्शन के कारण मनपंसद सब्जेक्ट्स नहीं चुन पाते थे। अब आगे ऐसा नहीं होगा।
वहीं, अधिक ग्रुप में बंटे सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन और रिस्ट्रक्शन के कारण स्टूडेंट को मेरिट के अनुसार सब्जेक्ट में भी परेशानी होती है।
ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा है कि दाखिले के समय ऊंची रैंक वाले स्टूडेंट्स को बीए में सब्जेक्ट चुनने में अधिक से अधिक विकल्प मिलें और जैसे-जैसे मेरिट नीचे गिरे सब्जेक्ट की चॉइस उसी तरह घटती चली जाए।
बीते साल स्टूडेंट्स की शिकायत थी कि उन्हें मेरिट के अनुसार बीए में अच्छी सीटें नहीं मिल पाई।
ये सब्जेक्ट नहीं ले एक साथ
समाजशास्त्र और समाजकार्य, राजनीतिशास्त्र और लोक प्रशासन, लैंग्वेज व फंक्शनल लैंग्वेज एक साथ नहीं ले सकेंगे। इनके अलावा अन्य सब्जेक्ट के मैच में स्टूडेंट्स को पूरी आजादी होगी।