नौनिहालों के एडमिशन को वेटिंग लिस्ट का इंतजार

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 24 Jan 2014 08:48 AM IST
mission admission: a hope for waiting list
शहर के चार कान्वेंट और प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल पर दाखिले के लिए लकी ड्रा निकल चुका है। अभिभावकों को अब दाखिले की आखिरी उम्मीद वेटिंग लिस्ट का इंतजार है।

शिक्षा विभाग के कॉमन एडमिशन शेड्यूल के तहत सभी कान्वेंट और प्राइवेट स्कूलों को 25 जनवरी तक फीस जमा करने का समय दिया गया है।

फीस नहीं भरने पर स्कूल सीट रद्द कर देंगे। ऐसे में 25 जनवरी के बाद फिर से कान्वेंट और प्राइवेट स्कूलों में दाखिले की वेटिंग लिस्ट वालों का नंबर लग सकता है।

सरकारी स्कूलों में सीटें खाली :
शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों के साथ ही सरकारी स्कूलों में भी दाखिले के लिए कॉमन शेड्यूल तैयार किया था। प्राइवेट में दाखिले के लिए खूब मारामारी रही।

लेकिन सरकारी स्कूलों में सीटों के बराबर भी आवेदन नहीं आए। स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में मार्च-अप्रैल तक भी दाखिले का दौर जारी रहेगा। कई सरकारी स्कूलों ने आवेदन के लिए एक किलोमीटर का दायरा बढ़ाने के लिए भी विभाग से अनुमति मांगी है।

फीस ने बिगाड़ा अभिभावकों का बजट  
ट्राइसिटी के अभिभावकों ने पहले बच्चे के दाखिले के लिए जमकर भागदौड़ की। अब अभिभावक फीस जमा करने के लिए दौड़ रहे हैं।

प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस ने अभिभावकों का बजट गड़बड़ा दिया है। कान्वेंट और प्राइवेट स्कूलों की फीस में आधे से अधिक का अंतर है।

प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन फीस 20 से 40 हजार है। जबकि शहर के चार कान्वेंट स्कूलों में एडमिशन फीस 15 से 20 हजार है। इतना ही नहीं प्राइवेट स्कूल पूरी फीस एक साथ ले रहे हैं। वहीं कान्वेंट में एडमिशन फीस के बाद अप्रैल में तीन महीने की फीस ली जाएगी।

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