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रेलवे ग्रुप डी परीक्षा: बीच एग्जाम से स्टूडेंट्स को उठाया
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 03 Nov 2014 10:33 AM IST
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उत्तर रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में शहर के एक परीक्षा केंद्र की लापरवाही का खामियाजा तीन दर्जन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा। इन्हें प्रवेश पत्र डाउनलोड किए और रेलवे पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर न होने के कारण परीक्षा के बीच से ही उठा दिया गया। अभ्यर्थी जब पर्यवेक्षक के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि बगैर हस्ताक्षर के ही परीक्षा दे सकते हैं।
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इस हीलाहवाली में ही परीक्षा का समय बीत गया। नाराज अभ्यर्थियों ने केंद्र पर हंगामा किया। वहीं, दूसरी ओर एक केंद्र पर एक युवक अपने भाई के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया।
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उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। ग्रुप डी की परीक्षा में जिन अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र नहीं मिला था, वे उत्तर रेलवे की वेबसाइट से ही उसे डाउनलोड कर परीक्षा केंद्र पहुंच गए।
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नियमानुसार डाउनलोड प्रवेश पत्र पर छपी फोटो और उपस्थिति कार्ड पर लगे फोटो का मिलान कर अभ्यर्थियों को परीक्षा देने की अनुमति दी जाती है।
एक परीक्षा केंद्र पर अनुराग, इलाकत हुसैन, अशोक कुमार, मोहित कुमार समेत तीन दर्जन अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर रेलवे अधिकारियों से हस्ताक्षर कराने को कहा था।
परीक्षा छोड़कर जब छात्र रेलवे अधिकारी के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि ऐसा कोई नियम ही नहीं है। वे परीक्षा दे सकते हैं।
ऐसे में जब स्टूडेंट्स वापस लौटे तो परीक्षा कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया गया। वे कक्ष निरीक्षक से मिन्नतें करते रहे, लेकिन उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। इस पर आक्रोशित स्टूडेंट्स ने हंगामा शुरू कर दिया।
भाई की जगह दे रहा था परीक्षा
दूसरी ओर, ठाकुरगंज के बालागंज में लखनऊ मॉडल पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर जमशेदपुर निवासी अभ्यर्थी बीरबल वर्मा की जगह उसका भाई उपेंद्र वर्मा परीक्षा देते हुए धरा गया। उपेंद्र वर्मा को पकड़कर परीक्षा निरीक्षक ने ठाकुरगंज पुलिस के हवाले कर दिया।
21 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दी पूर्वोत्तर रेलवे परीक्षा
रेलवे ग्रुप डी की रविवार को हुई पहले चरण की परीक्षा में पूर्वोत्तर रेलवे की परीक्षा में 21 प्रतिशत अभ्यर्थी ही शामिल हुए।
जबकि उत्तर रेलवे की परीक्षा में 31 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। हालांकि इतनी कम संख्या भी यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ी।
जीआरपी की बदइंतजामी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। वहीं, एक केंद्र पर अभ्यर्थी की जगह उसका भाई पकड़ा गया। पूर्वोतर रेलवे गोरखपुर भर्ती सेल की ग्रुप डी के 1442 पदों के लिए रविवार को शहर के 50 केंद्रों पर पहले चरण की परीक्षा हुई।
परीक्षा में 1.03 लाख आवेदकों को शामिल होना था। सुबह की पाली में 51962 उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र भेजा गया। वहीं, दूसरी पाली के लिए 51961 उम्मीदवारों में से 10788 ने ही परीक्षा दी।
वहीं उत्तर रेलवे की ग्रुप डी की परीक्षा 63 केंद्रों पर आयोजित हुई। इस परीक्षा में 59136 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र भेजा गया था जबकि केवल 18188 ही शामिल हुए। इस परीक्षा में 31 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
21 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दी पूर्वोत्तर रेलवे परीक्षा
रेलवे ग्रुप डी की रविवार को हुई पहले चरण की परीक्षा में पूर्वोत्तर रेलवे की परीक्षा में 21 प्रतिशत अभ्यर्थी ही शामिल हुए।
जबकि उत्तर रेलवे की परीक्षा में 31 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। हालांकि इतनी कम संख्या भी यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ी।
जीआरपी की बदइंतजामी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। वहीं, एक केंद्र पर अभ्यर्थी की जगह उसका भाई पकड़ा गया। पूर्वोतर रेलवे गोरखपुर भर्ती सेल की ग्रुप डी के 1442 पदों के लिए रविवार को शहर के 50 केंद्रों पर पहले चरण की परीक्षा हुई।
परीक्षा में 1.03 लाख आवेदकों को शामिल होना था। सुबह की पाली में 51962 उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र भेजा गया। वहीं, दूसरी पाली के लिए 51961 उम्मीदवारों में से 10788 ने ही परीक्षा दी।
वहीं उत्तर रेलवे की ग्रुप डी की परीक्षा 63 केंद्रों पर आयोजित हुई। इस परीक्षा में 59136 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र भेजा गया था जबकि केवल 18188 ही शामिल हुए। इस परीक्षा में 31 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।