स्टूडेंट्स को बड़ी खुशखबरी दे गईं स्मृति इरानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय विश्वविद्यालयों और आईआईटी व आईआईएम के प्रोफेसर अब देश के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोर्स ऑफर करेंगे। इन कोर्सों में विद्यार्थी बिना फीस दिए ऑनलाइन दाखिला लेंगे और ऑनलाइन ही परीक्षा भी देंगे।
जिन विद्यार्थियों को इस कोर्स के लिए सर्टिफिकेट चाहिए होगा उन्हें इसके लिए मामूली फीस देनी होगी। इसके लिए विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। कोर्स का सिलेबस पोर्टल पर उपलब्ध होगा।
शुक्रवार को सेक्टर-10 स्थित होटल माउंटव्यू में देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों की कांफ्रेंस में आईं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंत्रालय की ओर से इस माह लांच होने वाली स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स (स्वयं) योजना के बारे में अवगत कराते हुए कुलपतियों से डिस्टेंस लर्निंग को मजबूत करने का आह्वान किया। स्वयं योजना के तहत ऑनलाइन कोर्स लांच होने हैं।
1 करोड़ से ज्यादा स्टूडेंट्स को होगा लाभ
दो दिवसीय कांफ्रेंस के पहले दिन केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वयं योजना से एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कुलपतियों से इस योजना को लोकप्रिय करने में कुलपतियों का सहयोग मांगा और अधिक से अधिक शिक्षकों को ऑनलाइन कोर्स ऑफर करने के लिए प्रेरित करने को कहा।
उन्होंने सरकार की ओर से उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार उच्च शिक्षा के स्वरूप को टेक्नोलॉजी के हिसाब से बदलना चाहती है। इसके लिए कई योजनाएं बन रही हैं। इस अवसर पर यूजीसी के चेयरमैन प्रो.वेद प्रकाश ने भी अपने विचार रखे।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बनें स्कूल ऑफ एजुकेशन
स्मृति ईरानी ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्कूल ऑफ एजुकेशन स्थापित होने चाहिए। इससे विश्वविद्यालयों के शिक्षक स्कूलों में कार्य करने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग दे पाएंगे।
स्कूल लेवल पर शिक्षा को मजबूत करने के लिए यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय के शिक्षक स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग दें। कांफ्रेंस में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कॉमन सिलेबस लागू करने पर भी विचार हुआ और इसके लिए कमेटी का गठन किया गया।
कुलपतियों से लिखित में मांगे विचार
देश के सभी 39 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक ही कानून बनाए जाने पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सभी कुलपतियों से लिखित में अपने विचार देने को कहा है। इस मुद्दे पर कांफ्रेंस में ज्यादा बात नहीं हुई। ध्यान रहे कि पठान कमेटी की रिपोर्ट में जहां सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक कानून बनाने की सिफारिश की गई है।
मीडिया से नहीं की बात
दो दिनों के लिए चंडीगढ़ आईं केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मीडिया से बात नहीं की। कांफ्रेंस के लिए वह सीधा होटल माउंटव्यू पहुंची और वहां आने के बाद स्पष्ट कर दिया कि वह मीडिया से कोई बात नहीं करेंगी। होटल ताज में रुकीं स्मृति ईरानी भाजपा के नेताओं से मिलने को तो तैयार हो गईं, लेकिन उन्होंने मीडिया से दूरी बनाई रखी।
सुना ज्यादा बोला काम
कांफ्रेंस में स्मृति ईरानी सुबह से शाम तक मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने बोला कम और सुना ज्यादा। ईरानी ने सभी कुलपतियों के विचार जाने और उन्हें बोलने का ज्यादा मौका दिया। कांफ्रेंस में आए कुलपतियों से उन्होंने फीडबैक लिया और अलग अलग मामलों में कमेटियों का गठन भी किया। स्मृति ईरानी शनिवार को भी कांफ्रेंस में मौजूद रहेंगी।
पीयू वीसी को नहीं बुलाया कांफ्रेंस में
देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति और केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी के बीच शुक्रवार से शुरू हुई दो दिवसीय कांफ्रेंस तैयारियों की जिम्मेदारी पीयू के एकेडमिक स्टॉफ कालेज (एएससी) डायरेक्टर और यूबीएस प्रो.कर्मजीत सिंह को सौंपी गई थी।
कांफ्रेंस में कुलपतियों की आवभगत से लेकर अन्य सभी जिम्मेदारी पीयू प्रोफेसर उठा रहे हैं। लेकिन बैठक में पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि पहले पीयू कुलपति को स्पेशल गेस्ट के तौर पर मीटिंग में बुलाए जाने की चर्चा थी।
नैक एक्रीडेशन तभी मिलेगी ग्रांट
स्मृति ईरानी ने सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी वीसी की कांफ्रेंस में साफ तौर पर कहा कि भविष्य में उन्हीं यूनिवर्सिटी को ग्रांट दी जाएगी जो नैक से एग्रेडिशन कराएगा। सभी यूनिवर्सिटी के लिए यूजीसी द्वारा 6 साल में एक बार नैक एक्रीडेशन अनिवार्य की गई है।