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LU: हुआ मिनी कॉन्वोकेशन, अब लौट जाएंगे ये परदेसी
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 28 Aug 2013 11:08 AM IST
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एलयू से एमए इकोनॉमिक्स की डिग्री हाथ में मिलते ही युगांडा के
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सीकामाते डेविड की आंखें खुशी से चमक उठीं।
शिक्षकों व यहां के स्टूडेंट के प्रति उसमें मन में जो प्रेम व श्रद्घा थी वह बरबस ही फूट पड़ी। सीकामाते डेविड ने कहा कि यह डिग्री मेरे लिए अमूल्य है, क्योंकि एलयू की डिग्री की वैल्यू उसके देश युगांडा ही नहीं बल्कि दूसरे कई देशों में हाथों-हाथ ली जाती है।
फर्स्ट डिविजन में एमए इकोनॉमिक्स पास करने वाले इस स्टूडेंट का सपना इंडिया से ही पीएचडी करना है और आगे वह शिक्षक बनकर अपने देश में साक्षरता की अलख जगाना चाहता है।
सिर्फ सीकामाते ही नहीं बल्कि कंबोडिया के छिन वनोयुन और नेपाल के श्री श्याम गिरि भी एलयू की डिग्री पाकर काफी खुश थे।
मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में तीन विदेशी स्टूडेंट को एलयू की डिग्री देने के लिए मिनी दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया।
यह पहला मौका था जब एलयू ने फॉरेन स्टूडेंट को कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही डिग्री देने की व्यवस्था भी कर दी है। अभी तक वह पढ़ाई पूरी कर अपने देश वापस लौट जाते थे और बाद में उन्हें डिग्री के लिए परेशान होना पड़ता था।
एलयू कुलपति डॉ. एसबी निमसे की पहल पर राजभवन ने विदेशी स्टूडेंट को दीक्षांत समारोह के पहले ही डिग्री देने की विशेष व्यवस्था की है।
एलयू के प्रतिकुलपति प्रो. एके सेन गुप्ता ने कहा कि अब पूरी दुनिया एक ग्लोबल विलेज है और एजुकेशन की वैल्यू दिन पर दिन बढ़ रही है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. अकील अहमद ने विदेशी स्टूडेंट का परिचय कराया।
शिक्षकों व यहां के स्टूडेंट के प्रति उसमें मन में जो प्रेम व श्रद्घा थी वह बरबस ही फूट पड़ी। सीकामाते डेविड ने कहा कि यह डिग्री मेरे लिए अमूल्य है, क्योंकि एलयू की डिग्री की वैल्यू उसके देश युगांडा ही नहीं बल्कि दूसरे कई देशों में हाथों-हाथ ली जाती है।
फर्स्ट डिविजन में एमए इकोनॉमिक्स पास करने वाले इस स्टूडेंट का सपना इंडिया से ही पीएचडी करना है और आगे वह शिक्षक बनकर अपने देश में साक्षरता की अलख जगाना चाहता है।
सिर्फ सीकामाते ही नहीं बल्कि कंबोडिया के छिन वनोयुन और नेपाल के श्री श्याम गिरि भी एलयू की डिग्री पाकर काफी खुश थे।
मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में तीन विदेशी स्टूडेंट को एलयू की डिग्री देने के लिए मिनी दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया।
यह पहला मौका था जब एलयू ने फॉरेन स्टूडेंट को कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही डिग्री देने की व्यवस्था भी कर दी है। अभी तक वह पढ़ाई पूरी कर अपने देश वापस लौट जाते थे और बाद में उन्हें डिग्री के लिए परेशान होना पड़ता था।
एलयू कुलपति डॉ. एसबी निमसे की पहल पर राजभवन ने विदेशी स्टूडेंट को दीक्षांत समारोह के पहले ही डिग्री देने की विशेष व्यवस्था की है।
एलयू के प्रतिकुलपति प्रो. एके सेन गुप्ता ने कहा कि अब पूरी दुनिया एक ग्लोबल विलेज है और एजुकेशन की वैल्यू दिन पर दिन बढ़ रही है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. अकील अहमद ने विदेशी स्टूडेंट का परिचय कराया।