लाखों छात्रों को झटका, HPU ने बढ़ाई फीस
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने प्रदेश के लाखों छात्रों को करारा झटका दिया है। विवि ने यूनिवर्सिटी समेत सभी कॉलेजों में फीस बढ़ा दी है।
विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद ने फीस में 30 से 35 फीसदी बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। परीक्षा शुल्क, ट्यूशन फीस और एनआरआई/नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों की फीस भी बढ़ेगी। इसके अलावा फीस में हर साल दस फीसदी की वृद्धि होगी।
बुधवार को एचपीयू के कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी की अध्यक्षता में कार्यकारी परिषद की बैठक में रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी (आरएमसी) के फीस वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
छात्र संगठनों के विरोध के बावजूद बढ़ी फीस
छात्र संगठनों के तमाम विरोध के बावजूद यह फैसला लिया गया। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि फीस ढांचा पड़ोसी राज्यों के विश्वविद्यालयों से कम रखा गया है।
आरएमसी की ओर से सुझाए अन्य प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिल गई है। ईसी ने फीस बढ़ोतरी का विरोध करने वाले छात्र संगठनों को भी झटका दिया है।
इक्डोल के स्टडी सेंटर खोलने का प्रस्ताव अगली बैठक में रखकर आवंटन प्रक्रिया को मंजूरी देने का फैसला लिया गया। पेंशन कार्पस फंड को मजबूत बनाने के लिए हर विभाग की एफडीआर इसमें शामिल कर इसी से पेंशन भुगतान की देनदारी को समक्ष बनाने का फैसला लिया। फंड में इक्डोल और अन्य संस्थानों की एफडी भी शामिल होगी।
छात्र संघ चुनाव को लेकर फैसला नहीं
सरकार से अतिरिक्त अनुदान की मांग उठाने का फैसला लिया गया। बीसीए कोर्स में प्रवेश को पात्रता की शर्त के लिए अंक कम करने के अकादमिक काउंसिल के फैसले को मंजूरी दी गई।
छात्र संघ चुनाव पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ। ईसी ने विवि के शिक्षकों के राजनीतिक गतिविधियों के दायरा और सीमाएं तय करने को बनाई कमेटी की रिपोर्ट अगली बैठक में ले जाकर फैसला लेने का निर्णय लिया।
इक्डोल स्टडी सेंटर खोलने के नियम और शर्तों पर भी अगली बैठक में फैसला होगा।
ईसी के फैसलों का विरोध
ईसी सदस्य चौधरी वरयाम सिंह बैंस ने ईसी के कई फैसलों पर उच्च स्तरीय कमेटी की ओर से उठाए सवालों का विरोध किया। फैसले ईसी में मौजूद सरकार के नुमाइंदों और वित्त सचिव, शिक्षा सचिव जैसे सदस्यों की मौजूदगी और सहमति से लिए गए हैं।
इन पर सवाल उठाना अपने ऊपर सवाल उठाने वाली बात है। मांगों का निपटारा करने को जल्द ग्रिवियंस रिड्रेसल कमेटी की बैठक बुलाए जाने की मांग उठाई।
एचपीयू के कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने बताया कि ईसी की बैठक में रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की आय बढ़ाने के सभी मदों पर चर्चा हुई। इसमें फीस बढ़ोतरी, विवि कार्पस फंड को मजबूत बनाने, इक्डोल स्टडी सेंटर खोलने जैसे मामले शामिल हैं। फीस बढ़ोतरी के फैसले पर फिलहाल कुछ नहीं कह सकता।