पीयू छात्र चुनाव पर चौंकाने वाला खुलासा
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पीयू के छात्र काउंसिल के चुनाव के बाद पुलिस ने दो दिन बाद सोमवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अलग-अलग छात्र संगठन की ओर से लाखों रुपये चुनाव में खर्च किए गए हैं जो कि लिंगदोह कमेटी के नियमों का उल्लंघन है।
पुलिस ने पीयू प्रशासन को ऐसे छात्र सगठनों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है। मालूम हो कि पीयू के रिकार्ड के अनुसार सबसे ज्यादा खर्चा एनएसयूआई की ओर से 16,680 रुपये की जानकारी दी गई है। एनएसयूआई ने चुनाव जीता है। दूसरे नंबर पर रहने वाली एसओआई पार्टी ने 16,380 रुपये के खर्चे की जानकारी पीयू को दी है।
जबकि, एसएफएस पार्टी की ओर से अपना खर्चा 740 रुपये बताया है। राजनीतिक दलों केनेताओं ने लिखित में इसकी जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, इतने कम खर्चो में चुनाव नहीं लड़ा गया है। छात्रों को डिस्को, सिनेमा हाल और सैर सपाटे के लिए बसे तक किराए पर ली गई। कई अन्य कूपन भी निशुल्क बांटे गए। चुनाव के लिए टैक्सियां भी किराए पर ली गई है।
लाखों रुपये पानी की तरह बहाए गए
पुलिस ने उन बस आपरेटर की भी जानकारी दी है जिनका प्रयोग छात्रों को कसौली और शिमला भी भेजा गया था। पुलिस के पास उन वाहनों के नंबर भी हैं जिनका प्रयोग कार रैलियों और चुनाव प्रचार में किया गया है।
मालूम हो कि लिंगदोह कमेटी के नियमों के अनुसार कोई भी छात्र सगठन 5 हजार रुपये से ज्यादा का खर्चा नहीं कर सकता है। जबकि मतदाताओं का प्रभावित करने के लिए इस बार लाखों रुपये पानी की तरह बहाए गए हैं।
डीएसपी सेंट्रल आशीष कपूर ने बताया कि पुलिस विभाग ने पीयू प्रशासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। कई कूपन और फिल्म की टिकट चुनाव में छात्र सगठनों की ओर से बांटे गए हैं। सैर सपाटे के लिए भी बसों में ले जाया गया है। पीयू प्रशासन को अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।