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कौन सी यूनिवर्सिटी है बेहतर, पता करना होगा आसान
शैलेश अरोड़ा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 14 Dec 2014 07:35 PM IST
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अब दाखिले से पहले विश्वविद्यालयों के बारे में पूरी जानकारी हासिल करना स्टूडेंट्स के लिए और भी आसान होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर इंडियन रैंकिंग सिस्टम बनाया जा रहा है, जिसमें देश के सभी विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थनों की रैंक निर्धारित होगी।
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इसके लिए बनाई कमेटी में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार सोपोरी चेयरपर्सन और तीन सदस्य शामिल हैं। शनिवार को लखनऊ पब्लिक कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए प्रो. सोपोरी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए इस बात की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि रैंकिंग सिस्टम तैयार करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) के साथ मिलकर ये कमेटी विश्वविद्यालय सहित अन्य शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग के लिए मूल्यांकन का तरीका, मानक, नियम तैयार करेगी।
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यह डाटा इंटरनेट पर भी उपलब्ध रहेगा, जिससे छात्र प्रवेश के समय इन संस्थानों की वास्तविक स्थिति जान सकेंगे। कोई भी विवि विश्व के टॉप 200 में शामिल नहीं है, इसके पीछे कारण पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर रैंकिंग के मानकों पर यहां के विश्वविद्यालयों का शामिल होना आसान नहीं है।
उनकी रैकिंग में देखा जाता है कि संस्थान से कितने नोबल पुरस्कार विजेता हैं, विदेश के शिक्षक पढ़ाते हैं या नहीं, विदेशी छात्रों की संख्या आदि मानकों में भारत के संस्थान पिछड़ जाते हैं।