गजब, पीयू परीक्षाओं में नकल रोकेगा मेटल डिटेक्टर!
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पंजाब यूनिवर्सिटी की 2 अप्रैल 2014 से शुरू हो रही अंडर ग्रेजुएट(यूजी) परीक्षाओं के इंतजामों को लेकर सोमवार को पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन (सीओई) और अन्य आला अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें परीक्षा सेंटर पर नकल रोकने, पेपर समय पर पहुंचने और विद्यार्थियों की समस्याओं का तुरंत हल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मोबाइल या अन्य हाईटेक तरीकों से होने वाली नकल को रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर का प्रयोग ट्र्रायल बेस पर पंजाब के एएस खन्ना कालेज में किया जाएगा। पीयू ने इस साल परीक्षाओं के लिए चंडीगढ़ और पंजाब में 323 परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
परीक्षा में नकल रोकने की पुख्ता तैयारी
पीयू की 2012 की वार्षिक परीक्षाओं में 200 से अधिक नकल के केस पकड़े गए। जबकि 2013 में यह ग्राफ 130 तक गिर गया। आगामी परीक्षाओं में नकल को पूरी तरह रोकने के लिए सीओई के निर्देशन में 35 फ्लाइंग स्क्वायड (नकलरोधी दस्ते) का गठन किया गया है।
इसमें एक अधिकारी और उनके साथ 2 से 3 अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। फ्लाइंग स्क्वायड में 150 के करीब अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पीयू प्रशासन ने किसी भी एग्जाम सेंटर में लापरवाही के कारण नकल का मामला पकड़े जाने पर संबंधित सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
3.20 लाख बैठेंगे अंडरग्रेजुएट परीक्षा में
2 अप्रैल से होने वाली अंडर ग्रेजुएट परीक्षाओं में 3 लाख 20 हजार के करीब विद्यार्थी अपीयर होंगे। सभी विद्यार्थियों को पहली बार ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी किया गया है। पीयू ने विद्यार्थियों को एग्जाम सेंटर पर किसी तरह की दिक्कत आने पर स्पेशल हेल्पलाइन नंबर भी शुरू करने की तैयारी की है। सभी सेंटर सुपरिंटेंडेंट के पास हेल्पलाइन नंबर भेज दिया जाएगा। जिसे संबंधित सेंटर के नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। उधर पीयू के पोस्ट ग्रेजुएट एग्जाम (पीजी) 24 मई से शुरू होंगे।
अंडर ग्रेजुएट स्तर पर वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी पूरी
कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन पीयू प्रो.परविंदर सिंह ने बताया कि अंडर ग्रेजुएट स्तर पर वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। विद्यार्थियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। नकल रोकने के लिए भी स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। ऑनलाइन एडमिट कार्ड से विद्यार्थियों को इस बार काफी राहत मिली है।