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राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा 2015 की राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट में स्थान बनाने वाले प्रदेश के सात होनहार एक महीने बाद ही बाहर हो गए हैं। कट ऑफ मार्क्स बढ़ने से मेरिट लिस्ट भी छोटी हो गई है।
पहले 54 छात्रों की मेरिट लिस्ट बनाई गई थी, जिसे अब घटाकर 49 कर दिया गया है। मेरिट लिस्ट में संशोधन से सात छात्रों के साथ मजाक जैसा हो गया।
एससीईआरटी (स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की ओर से दो नवंबर 2014 को राष्ट्रीय प्रतिभा खोज का पहला (राज्य स्तरीय) चरण कराया गया था। इसमें कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्र सम्मिलित होते हैं।
पहले चरण में सफल छात्र ही राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए क्वालीफाई करते हैं। 21 फरवरी 2015 को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। कट ऑफ मेरिट 109 अंक घोषित की गई और प्रदेश के 54 होनहार छात्रों ने इसमें सफलता हासिल की।
इनमें से 43 छात्र सामान्य वर्ग और 11 छात्र आरक्षित श्रेणी के थे। परिणाम आने के बाद हरिद्वार के एक छात्र आशुतोष राठी के पिता समीर राठी की ओर से दो प्रश्नों के उत्तरों पर आपत्ति जाहिर की गई।
जिसके बाद एक प्रश्न के उत्तर को बदलते हुए एससीईआरटी की ओर से 31 मार्च को संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया गया। लेकिन इस बार कट ऑफ मार्क्स 109 से बढ़ाकर 110 कर दिए गए और चयनित छात्रों की संख्या 54 से घटाकर 49 हो गई।
मेरिट बदलने से 7 छात्र हो गए बाहर
पहले जहां सामान्य वर्ग के 43 छात्र चयनित हुए थे, वहीं इस बार उनकी संख्या घटकर 36 रह गई। एक महीने तक होनहार रहे छात्र सूची से ही बाहर कर दिए गए।
खास बात यह कि जिस छात्र के अभिभावक ने उत्तरमाला पर आपत्ति जताई थी, कट आफ मेरिट बढ़ाए जाने से उनके पुत्र का चयन नहीं हो सका। कट ऑफ मेरिट पहले जैसी ही रहती तो उनके पुत्र का चयन भी हो सकता था।
प्रदेश के यह छात्र हुए मेरिट से बाहर
विशाल प्रताप सिंह ओक ग्रो स्कूल देहरादून, कार्तिकेय भट्ट सेंट जोसेफ कालेज नैनीताल, दिव्यांश चौहान लिटिल स्कालर्स ऊधमसिंहनगर, सुलक्ष्य स्वामी एवं यतीन आजाद ब्राइटलैंड स्कूल डालनवाला देहरादून, आर्यन जैन डीएसबीआई पब्लिक स्कूल गुमानीवाला देहरादून और सुमित बिष्ट जयकेश पब्लिक स्कूल गंगापुर ऊधमसिंहनगर।
निदेशक ने दी सफाई
एक अभिभावक की ओर से प्रश्न संख्या 68 के उत्तर पर आपत्ति जताई गई थी। इस प्रश्न का उत्तर बदलने से रिजल्ट संशोधित करना पड़ा। जिससे कट ऑफ मार्क्स 109 से बढ़कर 110 हो गए और मेरिट लिस्ट में संशोधन करना पड़ा।
-आरडी शर्मा, अपर निदेशक एससीईआरटी।