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एलयू में बना शिक्षकों-कर्मियों के इलाज का फंड

ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 15 Mar 2016 02:12 PM IST
लखनऊ यूनिवर्सिटी
लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : demo pic
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वित्तीय वर्ष 2016-17 में लखनऊ विश्वविद्यालय को करीब 46 करोड़ रुपये का नुकसान होगा, लेकिन इसकी वजह से छात्रों पर फीस का बोझ नहीं बढ़ाया जाएगा। विवि में कई दिनों से इस बात को लेकर चर्चा हो रही थी कि आगामी सत्र में छात्र-छात्राओं पर फीस का बोझ बढ़ सकता है। सोमवार को विवि में वित्त समिति की बैठक हुई।
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कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने बताया कि छात्रों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। इस घाटे को सेल्फ फाइनेंस कोर्स से होने वाली आय से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा शासन से भी वेतन के लिए ग्रांट बढ़ाने को कहा गया है। उम्मीद है कि उसमें भी राहत मिलेगी जिससे विवि का बोझ कम होगा।

इसमें यह भी निर्णय हुआ कि किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में लखनऊ विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों व कर्मचारियों को अब आर्थिक सहायता भी देगा। इसके लिए विवि ने पांच करोड़ रुपये का कॉपर्स फंड बनाया है।

विवि के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि बजट में विवि की 109 करोड़ रुपये की आय और 155 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। विवि के लेखाधिकारी रत्नेश्वर भारती के अनुसार यह घाटा पिछले साल से करीब 20 लाख रुपये अधिक है।

प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि अभी तक विवि में शिक्षकों व कर्मचारियों को अधिकतम 10 हजार रुपये तक चिकित्सा खर्च मिलता है, लेकिन इस कॉपर्स फंड से प्रतिवर्ष विवि को करीब 40 लाख रुपये तक ब्याज के रूप में आय होगी।
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बीएड के आयोजन में होगा दो करोड़ रुपये का लाभ

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