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मिलिए यूपीएससी में सिटी टॉपर डॉ. विपिन से

Fri, 13 Jun 2014 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Jun 2014 12:56 AM IST
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Meet to Dr. Vipin UPSC topper in chandigarh

सिविल सर्विसेज एग्जाम जैसी प्रतियोगिता में सफलता पाने के लिए रेगुलर स्टडी और कंसेप्ट का क्लीयर होना जरूरी है। यह कहना है सिविल सर्विसेज रिजल्ट में देश में 14वां और चंडीगढ़ में पहला स्थान हासिल करने वाले जीएमसीएच में एमबीबीएस डॉ. विपिन वि ईटनकर का।

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अमर उजाला से बातचीत में वह सफलता का श्रेय पत्नी डॉ. शालिनी को देते हैं, वह भी जीएमसीएच-32 में डॉक्टर हैं। तीन बार सिविल सर्विसेज में असफल होने के बावजूद पत्नी ने उनका हौसला बनाए रखा और उन्हें आखिरी चांस में कामयाबी मिली।
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2010 से वह सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। मूल रूप से नागपुर निवासी विपिन ने कहा कि उन्हें सफल होने की तो उम्मीद थी, लेकिन 14वां रैंक आना उनके लिए लॉटरी निकलने जैसा है। उन्होंने बताया उनकी तैयारी में सेक्टर-37 स्थित एसएनएम आईएएस स्टडी ग्रुप के शिक्षकों का विशेष योगदान रहा है।
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खाली समय में फिल्में देखना इनकी हॉबी है। अपने स्वर्गीय पिता को अपना रोल मॉडल मानते हैं। आईएएस में उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब कैडर का ऑप्शन भरा है।

शुरू से ही टॉपर
डा. विपिन स्कूल दिनों से ही टॉपर रहे हैं। नागपुर से 10वीं में 83 और 12वीं में 88 फीसदी अंक हासिल किए हैं। एमबीबीए में भी उन्होंने 70 फीसदी अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था।


फुटबाल और क्रिकेट उनके पंसदीदा खेल हैं। उन्होंने बताया पहले प्रयास में वह इंटरव्यू, दूसरे प्रयास में हिंदी विषय में फेल हुए और चौथे प्रयास में 14वां रैंक हासिल किया।

टॉपर ने दिए जीत के मंत्र
-सिविल सर्विसेज में किसी भी युवा की नॉलेज, इंटलेक्चुअल, पर्सनेलिटी और एप्टीट्यूट को परखा जाता है।
-अखबार को रुटीन की हॉबी बना लें।
-कोचिंग से तैयारी में काफी मदद मिलती है।
-प्रतिदिन कोचिंग में पढ़े चैप्टर का रिवीजन बहुत जरूरी है।
-आईएएस के लिए एक साल की तैयारी काफी है।
-सफलता के लिए 60 फीसदी मेहनत और 40 फीसदी लक जरूरी।

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