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'पैसा न था तो स्कॉलरशिप से पाया मुकाम'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 13 Jul 2014 10:34 AM IST
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हर युवा को पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। लेकिन, ऐसे होनहार तंगी के बावजूद अपनी मेहनत के दम पर मुकाम हासिल कर लेते हैं। संस्थानों से मिलने वाली स्कॉलरशिप उनके शिक्षा के सफर को बढ़ाने में काफी अहम साबित होती है।
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इसके बल पर वह अपनी मंजिल पा लेते हैं। कुछ ऐसी ही शख्सीयतों में शामिल हैं आर्यन ग्रुप ऑफ कालेज के चेयरमैन डॉ. अंशु कटारिया। आज एजुकेशन फील्ड में डॉ. अंशु ट्राइसिटी में नाम है।
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डॉ. अंशु के जीवन की कहानी किसी भी युवा के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। 1 जनवरी 1977 में मुक्तसर (पंजाब) में जन्मे अंशु के पिता कालेज में पढ़ाते थे। पिता ने नौकरी छोड़ अपना व्यापार शुरू किया, लेकिन इसमें काफी नुकसान हुआ। इसके बाद उनका शुरू संघर्ष का दौर। 9वीं में स्कूल की फीस के पैसे नहीं होने के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। लेकिन, अंशु ने हिम्मत नहीं हारी।
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फीस का इंतजाम करने लिए उन्होंने 150 रुपये में दुकान और सीमेंट की फैक्टरी में नौकरी शुरू की। रिश्तेदारों की मदद से उन्होंने 10वीं पास की और फिर आगे की पढ़ाई ट्यूशन पढ़ाकर की। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूबीएस विभाग में एमबीए में दाखिला लिया, लेकिन फीस के लिए पैसे कम थे।
उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाए और अपनी पढ़ाई जारी रखी। क्लास में टॉपर होने पर डा. अंशु को विभाग की ओर से स्कालॅरशिप भी मिलने लगी। वह कहते हैं कि स्कॉलरशिप ने उनकी जिंदगी बदल दी। इसके बाद तो उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज डा. अंशु 7 कालेज के चेयरमैन हैं।
शिक्षा के लिए 7 कालेज तैयार किए
डा. अंशु ने केवल 31 साल की उम्र में 2007 में आर्यन ग्रुप की नींव रख दी थी। चंडीगढ़-पटियाला हाईवे पर स्थित नेपरा गांव में आर्यन ग्रुप 20 एकड़ में फैला हुआ है। एमबीए, पालिटेक्निक, एजुकेशन सहित 7 आर्यन कालेज में 2500 से अधिक स्टूडेंट बेहतर भविष्य बना रहे हैं।
कटारिया ने बताया आर्यन ग्रुप मेधावी और जरूरतमंद स्टूडेंट को हर साल लाखों की स्कॉलरशिप प्रदान करता है। इस सत्र में उन्होंने 5 लड़कियों को निशुल्क पढ़ाई और 20 छात्राओं को फीस में 50 फीसदी छूट देने की घोषणा की है।
किरण बेदी भी इस काम में उनका साथ दे रही हैं। आर्यन ग्रुप को अभी तक पूर्व राष्ट्रपति डा. अब्दुल कलाम, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आदि से सम्मान मिल चुका है।
होनहारों के सपनों को पूरा करेगा अमर उजाला
पढ़ाई में छोटी सी आर्थिक मदद किसी इंसान की जिंदगी बदल सकती है। ‘अमर उजाला’ भी आर्थिक रूप से कमजोर होनहारों की मदद के लिए अतुल माहेश्वरी स्कॉलरशिप शुरू कर रहा है। देश के 225 होनहारों को 15 लाख की स्कॉलरशिप इस साल दी जाएगी।
सितंबर में अमर उजाला की ओर से स्कॉलरशिप के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें स्कूली स्तर पर 9वीं से 12 क्लास के स्टूडेंट और ग्रेजुएशन कर रहे कालेज स्टूडेंट हिस्सा ले सकेंगे।
स्कॉलरशिप टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए विद्यार्थियों को अमर उजाला में प्रकाशित आवेदन फार्म को भरकर अमर उजाला के कार्यालय में जमा कराना होगा।