{"_id":"0b45367ff05b831abad7ff63165df879","slug":"medicine-department-head-roll-back","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिसिन विभागाध्यक्ष ने वापस लिया इस्तीफा ","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
मेडिसिन विभागाध्यक्ष ने वापस लिया इस्तीफा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 03 Aug 2013 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. ए.के वैश्य ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
विज्ञापन
मेडिसिन विभाग के कार्यालय को खाली कराने के लिए रजिस्ट्रार की तरफ से लिखे गए पत्र के विरोध में उन्होंने ‘कंडीशनल’ इस्तीफा दिया था।
एक वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर को पत्र लिखने के लिए तरीके से नाराज होकर केजीएमयू शिक्षक संघ ने भी आपत्ति जताई थी।
साथ ही राज्यपाल को भी इस संबंध में पत्र लिखकर सूचित किया था। हालांकि शनिवार को प्रो. वैश्य ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया लेकिन अभी केजीएमयू प्रशासन और मेडिसिन विभाग के बीच छिड़ी जंग अभी थमी नहीं है।
एक जुलाई को मेडिसिन विभाग के एचओडी प्रो. वैश्य को केजीएमयू प्रशासन ने एक पत्र भेजा था।
इसमें बाल रोग विभाग के बेसमेंट में स्थित प्रो. वैश्य और विभाग के अन्य फैकल्टी सदस्यों के कमरों को खाली करने के निर्देश दिए थे।
केजीएमयू प्रशासन बाल रोग विभाग के बेसमेंट को खाली कराकर वहां लिफ्ट लगाना चाहता था। कुलपति प्रो. डीके गुप्ता का कहना है कि बाल रोग विभाग के मरीजों को सीढ़ियों से ही प्रथम तल जाना पड़ता है।
विज्ञापन
चार साल से लिफ्ट लगाने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन बेसमेंट न मिलने के कारण लिफ्ट नहीं लग पा रही है।
जब मेडिसिन विभाग के फैकल्टी मेंबर्स ने कमरे खाली नहीं किए तो एक जुलाई को रजिस्ट्रार की तरफ से एक पत्र प्रो. वैश्य को भेजा गया था।
इस पत्र में सख्त भाषा का प्रयोग किया था। इसको लेकर प्रो. वैश्य और केजीएमयू शिक्षक संघ ने अपनी आपत्ति जताई थी। रजिस्ट्रार के लिखे इस पत्र को राज्यपाल को भेजा गया है।
विज्ञापन
उधर मेडिसिन विभाग के फैकल्टी मेंबर्स का कहना है कि केजीएमयू प्रशासन वार्ड में बने केबिन में फैकल्टी को बैठने के लिए कहा रहा है। क्या अन्य विभागों के शिक्षकों के साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाएगा।