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यूपीः मेडिकल कॉलेजों में बढ़ाई जाएगीं पीजी में सीटें

Fri, 27 Nov 2015 04:31 PM IST
Updated Fri, 27 Nov 2015 04:31 PM IST
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medical college seats are increased in up

प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए पीजी में 174 सीटें और बढ़ाने का फैसला किया है। यह सीटें विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में बढ़ाई जाएंगी। इनकी मान्यता के लिए 30 अप्रैल तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) में आवेदन करना होगा। अगले शैक्षिक सत्र से इन सीटों पर दाखिले देने की तैयारी है।

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हाल के वर्षों में प्रदेश में एमबीबीएस की तो सीटें बढ़ती जा रही हैं, लेकिन परास्नातक में पिछले पांच वर्षों में एक भी सीट का इजाफा नहीं हुआ है। इस कारण सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी बढ़ती जा रही है।
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इसे देखते हुए सरकार ने सूबे में परास्नातक पाठ्यक्रम (एमडी व एमएस) में सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनूप चन्द्र पांडेय ने बताया कि अभी सूबे में पीजी की 734 सीटें हैं। अब पीजी की 174 सीटें बढ़ाने का फैसला किया गया है। सभी मेडिकल कॉलेजों व संस्थाओं को एमसीआई में 30 अप्रैल, 2016 तक हर हाल में आवेदन करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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प्रोफेसरों की कमी बड़ी बाधा

medical college seats are increased in up

प्रमुख सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों से कहा कि वे एमसीआई के मानकों के अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्थाएं करें। इसमें धन की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। जो भी सहयोग सरकार से चाहिए, उन्हें दिया जाएगा।

पीजी की सीटें बढ़ाने में सबसे बड़ी बाधा मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी है। एमडी व एमएस की दो सीट के लिए कम से कम एक प्रोफेसर होने चाहिए। इस मानक को पूरा किए बगैर एमसीआई पीजी कोर्स को मान्यता नहीं देती है।

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनूप चन्द्र पांडेय ने बताया कि प्रोफेसरों की कमी को देखते हुए सरकार ने इनके रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। रिटायर प्रोफेसरों को भी पुनर्नियुक्ति पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी जो कमी है उसे दूर करने के निर्देश दे दिए गए हैं। शिक्षकों की कमी को भी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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