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महिला सिक्योरिटी को लेनी पड़ी ब्वॉयज की तलाशी

Mon, 19 May 2014 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 19 May 2014 09:50 AM IST
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MD/MS Entrance Exam at PGI, Chandigarh

पीजीआई के एमडी/एमएस एंट्रेंस एग्जाम रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए। किसी भी सेंटर से कोई भी गड़बड़ी की शिकायत नहीं आई है। हालांकि एक सेंटर में थोड़ी अव्यवस्था जरूर देखी गई। इसमें एंट्री के वक्त तलाशी अभियान इतने धीमे चल रहा था कि परीक्षार्थियों की भीड़ काफी बढ़ गई।

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दूसरी तरफ एग्जाम शुरू होने का समय भी करीब आने लगा। भीड़ देखकर सेंटर इंचार्ज ने पीजीआई की प्राइवेट महिला सिक्योरिटी गार्ड को ब्वायज कैंडीडेट की तलाशी लेने के आदेश जारी कर दिए। इससे महिला सिक्योरिटी गार्ड और ब्वायज कैंडीडेट को थोड़ा असहज होना पड़ा।
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एग्जाम शुरू होने की टेंशन पर कोई भी इसका विरोध नहीं कर पड़ पाया। पेपर ठीक-ठाक था। पेपर संपन्न होने के बाद अधिकतर परीक्षार्थियों के चेहरे पर सुकून के भाव देखे जा सकते थे। कुछ ने एक दो सब्जेक्ट को कठिन भी बताया।
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12 सेंटरों में बग डिटेक्टर व जैमर
एमडी/एमएस एग्जाम में नकल रोकने के लिए संस्थान की ओर से कई पुख्ता और सख्त इंतजाम किए गए हैं। सभी 12 सेंटरों में बग डिटेक्टर और मोबाइल फोन जैमर लगाए गए हैं। स्टिल फोटोग्राफी और बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट का भी इंतजाम किया गया था।


पीजीआई की ओर से सभी कैंडीडेट को निर्देश भी दिया गया था कि कोई भी एग्जाम सेंटर में अपने साथ पानी की बोतल, कार की चाबी, चेन, मोबाइल, पेन, रिस्ट वॉच, रिंग, पर्स, लेडी पर्स, ईयररिंग, एडमिट कार्ड का लिफाफा व किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सभी केंद्रों में पीजीआई के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए थे।

एम्स के स्टैंडर्ड का नहीं था पेपर
एम्स से आसान पेपर था। मुझे सिर्फ फार्माकोलॉजी सब्जेक्ट में थोड़ी परेशानी आई। बाकी बढ़िया पेपर था। सभी सवाल आसानी से सुलझाए गए।
विजय मीनाक्षी, निवासी चेन्नई

एम्स ने अपने पैटर्न में थोड़ा बदलाव कर दिया है, जबकि पीजीआई का क्वेशन बैंक के मुताबिक ही पेपर आया। मुझे पैथोलॉजी के सवालों में थोड़ी दिक्कत आई।
नितिन, निवासी आसाम
 
मुझे पेपर थोड़ा मुश्किल लगा। मेडिसिन और पैथोलॉजी के सवाल कठिन आए थे। बाकी सबकुछ ठीक रहा। सेंटर में इंतजाम थोड़े सख्त रखे गए थे।
पूजा, निवासी दिल्ली
 
सभी क्वेशन पढे़ टॉपिक से पूछे गए थे। इसलिए पेपर ठीक-ठाक था। कठिन तो नहीं था, लेकिन इतना आसान भी नहीं था।
दिव्यानी, निवासी लुधियाना
 
मुझे पेपर थोड़ा टफ लगा। तीन घंटे में 250 क्वेशनों को हल करना आसान काम नहीं था। रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया के सवाल थोड़े टफ थे।
संतोष, निवासी आंध्र प्रदेश

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