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BHU में MBBS डिग्री की मान्यता पर संकट!

Fri, 10 Apr 2015 03:20 PM IST
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराण्ासी
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराण्ासी Updated Fri, 10 Apr 2015 03:20 PM IST
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MBBS in bhu ims is in danger

बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) में एमबीबीएस की मान्यता पर संकट के बादल छा गए हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने चिकित्सा विज्ञान संकाय में कई ऐसी कमियों को पकड़ा, जिन्हें समय रहते दूर नहीं किया गया तो मान्यता रद्द होनी तय है।

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एमसीआई ने आईएमएस को यह चेतावनी जारी की है। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. राणा गोपाल सिंह ने खुद इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एमसीआई ने जिन खामियों की ओर संस्थान का ध्यान दिलाया है, उस पर संजीदगी से नजर है।
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रिपोर्ट तैयार हो रही है, जल्द ही एमसीआई की शर्तों के मुताबिक संस्थान को सुविधाओं से लैस कर लिया जाएगा। 41 साल पुराने आईएमएस में एमबीबीएस की मान्यता को लेकर एमसीआई ने हैरान कर देने वाली रिपोर्ट जारी की है।
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एमसीआई की प्रशासनिक समिति की बीती 13 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक के बाद आईएमएस की एमबीबीएस की मान्यता को लेकर चिंताजनक टिप्पणी की गई है। 84 सीटों वाले इस संस्थान के बारे में एमसीआई की रिपोर्ट ने संबंधितों की चिंता बढ़ा दी है।

ये सभी धांधलियां मिली हैं बीएचयू में

MBBS in bhu ims is in danger

एमसीआई ने जिन सेवाओं के अभाव का जिक्र किया है, उन्हें दूर करना बीएचयू जैसे संस्थान के लिए बहुत बड़ी बात भले नहीं हो लेकिन ऐसी नौबत खड़ी हो जाने को बड़ी चिंता के रूप में जरूर देखा जा सकता है।

एमसीआई की वेबसाइट पर इस रिपोर्ट को पेज नंबर 56-57 की क्रम संख्या 78 पर दर्ज किया गया है। आईएमएस के नेत्र रोग विभाग में ड्रेसिंग रूम न होने, ड्रेसिंग के लिए उपयुक्त जगह न होने के अलावा एक्स-रे विभाग में एटामिक एनर्जी का विकिरण रोकने के लिए एईआरबी सुविधा न होने का जिक्र किया गया है।

इसके अलावा, 42 ओटी (ऑपरेशन थिएटर) के लिए 43 टेबुल पाए गए हैं जो मानक के अनुसार पर्याप्त नहीं हैं। मेडिकल जर्नल कम से कम 100 होने चाहिए लेकिन 69 ही मौजूद हैं। सिटीजन चार्टर भी नहीं है। रेजिडेंट की भी 18-19 फीसदी कमी पाई गई है। एमसीआई ने कहा है कि वर्ष 2014 में भी 26-27 जून को हुए निरीक्षण में जिन कमियों को पाया गया था और उन्हें दूर करने के लिए कहा गया था, उनकी अब तक भरपाई नहीं हो सकी है। ऐसे में यही हाल रहा तो एमबीबीएस की मान्यता नहीं दी जा सकती।

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