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अब हिंदी में पढ़िए एमबीए-फाइनेंस

Tue, 13 May 2014 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 13 May 2014 12:18 AM IST
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MBA finance in Hindi

मैनेजमेंट प्रोग्राम की पढ़ाई अब हिंदी भाषा में भी की जा सकेगी। ये पहल की है ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस (आईआईएफ) ने।

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नए सेशन 2014-15 से आईआईएफ पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फाइनेंस का कोर्स हिंदी में शुरू करने जा रहा है। किसी संस्थान में ऐसा पहली बार होगा जब एमबीए-पीजीडीएम जैसे किसी कोर्स की पढ़ाई हिंदी में होगी।
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दरअसल, संस्थान का मानना है कि ज्यादातर बिजनेस डील में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा है। बिजनेस, ट्रेड और इंडस्ट्री के साथ-साथ बड़े उद्योग घरानों से लेकर बैंक, वित्तीय संस्थान, निवेशक, कॉन्ट्रैक्टर्स और लेबर तक के बीच होने वाली बातचीत आमतौर पर हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं में ही होती है।
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एक सर्वे को आधार बनाते हुए संस्थान की एकेडमिक काउंसिल ने हिंदी में ये कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। आईआईएफ के फाउंडर चेयरमैन और डायरेक्टर जेडी अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 21 प्रख्यात शिक्षाविद शामिल रहे।

इंडस्ट्री की घरेलू जरूरतों के मुताबिक कोर्स
जेडी अग्रवाल के मुताबिक इस कोर्स का स्ट्रक्चर और कंटेंट, ट्रेड-बिजनेस-इंडस्ट्री की घरेलू जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाएगा।

अब उद्यमी और प्रबंधकों को घरेलू संसाधनों को संभालने के लिए उसी माहौल और भाषा में तैयार करने का समय है। पढ़ाई में सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि आमतौर पर बोली जाने वाली संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, बंगाली या गुजराती जैसी भाषाएं भी इस्तेमाल की जाएंगी।


फाइनेंशियल लैब का भी होगा कॉन्सेप्ट
हिंदी में पढ़ाए जाने वाले इस प्रोग्राम में बिजनेस कम्यूनिकेशन का कोर्स अंग्रेजी में ही रहेगा ताकि छात्रों की कम्यूनिकेशन स्किल बरकरार रहे।

खास बात ये है कि लैंग्वेज लैब और फाइनेंशियल लैब का भी कॉन्सेप्ट चलाया जाएगा ताकि छात्र स्टॉक एक्सचेंज में डील करने के लिए तैयार किए जा सकें। कोर्स का डिजाइन-कंटेंट दूसरे संस्थानों की नकल नहीं होगा।

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