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पीयू में निकली चपरासी की नौकरियां, वेतन 22 हजार

Wed, 20 Nov 2013 11:04 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 20 Nov 2013 11:04 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर ही नहीं चपरासी की नौकरी के लिए भी कड़ा मुकाबला होने लगा है।

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पीयू प्रशासन ने चपरासी के 72 पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इन पदों के लिए करीब 24 हजार ने आवेदन किया है।

चपरासी की नौकरी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास निर्धारित है, लेकिन सैकड़ोें मास्टर डिग्री धारक भी इस नौकरी की लाइन में हैं।

पीयू सत्रों के अनुसार 500 से अधिक आवेदक पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इसके अलावा ग्रेजुएट आवेदकों की संख्या भी अधिक है।

कम पदों के लिए इतने अधिक आवेदन आने के बाद पीयू प्रशासन भी असमंजस की स्थिति में है। सूत्रों के अनुसार पीयू प्रशासन चपरासी के लिए पहली बार लिखित परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में है।

इस मामले में कमेटी की एक दो बैठक हो चुकी हैं। कमेटी के सदस्यों ने स्क्रूटनी के लिए सामान्य ज्ञान, गणित, हिंदी और अंग्रेजी को मिलाकर एक 60 या 100 नंबर का टेस्ट लेने का प्रपोजल तैयार किया है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है।
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नौकरी के चंडीगढ़ पहली पसंद
चंडीगढ़ के साथ लगते राज्यों के युवाओं के बीच सिटी ब्यूटीफुल नौकरी के लिए पहली पसंद है। पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के बावजूद युवा तीसरी और चतुर्थ श्रेणी की नौकरी करने को तैयार हैं।
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सीटीयू में कंडक्टर भर्ती के लिए 54 हजार आवेदन आए हैं। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के 319 पदों के लिए भी 14 हजार से अधिक ने आवेदन किया था। सफाई कर्मचारी के लिए 50 के करीब पीजी डिग्री धारकों ने आवेदन किया था।

पीयू में चपरासी का मतलब
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थायी चपरासी लगने पर कांट्रेक्टर पर लगे क्लर्क से अधिक वेतन और सुविधाएं मिलती हैं।

पीयू से मिली जानकारी अनुसार चपरासी को शुरुआती वेतन 20 से 22 हजार मिलता है। चपरासी को पीयू कैंपस में ही रहने के लिए मकान और अंकुर स्कूल में बच्चों की फीस में आधी छूट दी जाती है। समय के साथ प्रमोशन का विकल्प भी खुला है।
 
पीयू सी क्लास एसोसिएशन के प्रेजीडेंट उमा शंकर ने बताया कि चपरासी की शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास है। आज तक पीयू में चपरासी के लिए कभी लिखित परीक्षा नहीं ली गई है।

पीयू के इस फैसले का हम विरोध करते हैं। ऐसा हुआ तो 10 से 15 सालों से कांट्रेक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा। मामले में चांसलर को चिट्ठी लिखी जाएगी।


पीयू के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन डॉ. परविंदर सिंह के मुताबिक पदों के मुकाबले कई गुणा आवेदन आए हैं। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों की छटनी के लिए कोई तरीका तो अपनाना ही होगा। चपरासी पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करने पर अंतिम फैसला कमेटी लेगी।

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