शिक्षामित्र भर्ती में बड़े खेल का हुआ भांडाफोड़
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फर्जी अंकपत्र के सहारे शिक्षक बनने का ख्वाब देखने वाले 47 लोगों का भंडाफोड़ हो गया है। लखीमपुर से सत्यापन के लिए आए अंकपत्रों की जब जांच की गई तो 47 फर्जी निकल गए।
परीक्षा नियंत्रक ने लखीमपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अंकपत्र फर्जी होने की सूचना देने के साथ ही मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है।
लविवि के अंकपत्रों में फर्जीवाड़ा मिलने के बाद एक बार फिर से विवि में चल रहे सिंडिकेट की ओर मामला घूम गया है।
इस समय शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक पद पर समायोजन किया जा रहा है। समायोजन से पहले उनके अंक पत्रों का सत्यापन संबंधित संस्थान से कराया जाता है।
इससे पहले भी सामने आया मामला
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लखीमपुर ने विवि के पास अंकपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए थे। जांच करने पर पता चला कि 47 अभ्यर्थियों के बीपीएड और बीए के अंकपत्र फर्जी हैं।
शिक्षामित्र के रूप में ये अभ्यर्थी अभी तक फर्जी अंकपत्रों के सहारे ही काम करते रहे। विवि में इससे पहले भी फर्जी अंकपत्र पकड़े जा चुके हैं।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि ये काम फर्जी अंकपत्र का धंधा करने वाले गिरोह का है। बहरहाल मामले की जांच की जा रही है।
परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। ये अंकपत्र लविवि से संबंद्ध विभिन्न डिग्री कॉलेजों के हैं।