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पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रश्न पत्र में ढेरों गलतियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 07 Apr 2014 10:14 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाओं में कामर्स संकाय के एक पेपर में आउट ऑफ सिलेबस के बाद सोमवार को फिर से ऐसा ही हुआ।
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पीयू की ओर से सोमवार को सुबह के सत्र में बीए प्रथम वर्ष पालिटिकल साइंस की परीक्षा ली गई। इस परीक्षा में करीब 26 हजार विद्यार्थी शहर और पंजाब के 190 कालेजों में अपीयर हुए।
प्रश्न पत्र में कई प्रश्नों में गलतियों को देखकर विद्यार्थियों का भी माथा ठनक गया। पीयू परीक्षा में अधिकतर विषयों का प्रश्न पत्र अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी लैंग्वेज में तैयार किया गया था, लेकिन विद्यार्थी यह देखकर हैरान रह गए जब एक ही प्रश्न पत्र में तीनों लैंग्वेज में ट्रांसलेशन गलत पाई गई।
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एग्जाम सेंटरों पर विद्यार्थियों ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र के हिसाब से ही उत्तर लिखने को कह दिया गया। प्रश्न पत्र में 2 या 4 नंबर की गलती नहीं बल्कि 18 नंबर के एक और 9-9 अंक के दो सवालों की ट्रांसलेशन में बड़ी गलतियां पाई थी।
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पालिटिकल साइंस के प्रश्न पत्र के यूनिट-1 अंग्रेजी वर्जन में सवाल में सोशोलॉजी शब्द प्रयोग किया गया, जबकि हिंदी वर्जन में उसे अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) लिखा दिया। इससे विद्यार्थियों में काफी कन्फ्यूजन हुई।
यूनिट-2 के प्रश्न पत्र के अंग्रेजी और हिंदी वर्जन में भी ट्रांसलेशन गलत की गई है। यूनिट-4 के प्रश्न नंबर-9 के अंग्रेजी और हिंदी वर्जन में भी गलतियां पाई गईं। इसी तरह पंजाब लैग्वेंज में तैयार यूनिट-1 के प्रश्न 3, यूनिट-2 के प्रश्न 4 और यूनिट-4 के प्रश्न नंबर 9 में भी अंग्रेजी और हिंदी से अलग ट्रांसलेशन (गलत अनुवाद) किया गया है।
प्रश्न पत्रों में नहीं रुक रहीं गलतियां
पीयू प्रशासन ने परीक्षा तंत्र को काफी मजबूत करने के लिए पिछले साल भर में कई बड़े प्रयोग किए। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के अलावा ई-एडमिट कार्ड और सिटीजन चार्टर जैसी सुविधाएं दी हैं। लेकिन प्रश्न पत्रों में गलतियों का दौर जारी है। 5 अप्रैल को बीकॉम प्रथम वर्ष अंग्रेजी के पेपर में 32 अंक के सवाल आउट ऑफ सिलेबस पूछे गए थे। इसके बाद पीयू प्रशासन ने मामले में कमेटी की रिपोर्ट के बाद ग्रेस मार्क्स देने की बात कही। उधर सोमवार को बीकॉम कास्ट अकाउंटिंग का पेपर भी विद्यार्थियों ने काफी मुश्किल बताया।
पेपर सेटर पर गिरेगी गाज
पीयू की वार्षिक परीक्षाओं के लिए तैयार प्रश्न पत्र में गलती पाए जाने पर परीक्षा नियंत्रक विभाग संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। सूत्रों के अनुसार प्रश्न पत्र तैयार करने में पेपर सेटर की गलती पाए जाने पर उसे कम से कम 5 साल के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने से डीबार किया जा सकता है।
शिक्षक की गलती का फैसला एक हाई पावर कमेटी तय करेगी और फिर कार्रवाई होगी। पिछले साल भी पीयू प्रश्न पत्र में गलती करने वाले शिक्षकों की पेपर सेंटर लिस्ट से छुट्टी कर दी है।
इस संबंध में मेरे पास शाम तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसी गलती हुई है तो मामले की जांच की जाएगी।
प्रो.परविंदर सिंह (कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन पीयू)