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मैनेजमेंट कोटे की सीटें भी भरेंगी ऑनलाइन
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 05 May 2014 04:56 AM IST
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इंजीनियरिंग कॉलेज इस बार मैनेजमेंट कोटे के तहत सीटें भरने में खेल नहीं कर पाएंगे।
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कम अर्हता रखने के बावजूद दाखिला देना और उनके डॉक्युमेंट में हेराफेरी करने का खेल इस बार नहीं चलेगा।
उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय ने इस बार मैनेजमेंट कोटे से दाखिला लेने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है।
कॉलेज अगर निर्धारित संख्या से अधिक स्टूडेंट्स को मैनेजमेंट कोटे के तहत दाखिला देंगे तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) के कुलपति डॉ. आर के खांडल ने बताया कि इस बार मैनेजमेंट कोटे से दाखिला लेने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही होगी।
इसमें दाखिला लेने वाले स्टूडेंट के थंब इप्रेशन, फोटो और सिग्नेचर की जांच तो ढंग से करवाई ही जाएगी, उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों की भी गहन जांच होगी।
यह पूरी तरह तय किया जाएगा कि जो स्टूडेंट दाखिला ले रहा है कि गलत नहीं है। अभी तक इसमें खेल होने की शिकायतें मिलती रही हैं।
इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित हुई राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) 2014 के तहत सीटें भरने के बाद मैनजमेंट कोटे से दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसमें करीब 15 प्रतिशत तक सीटें मैनेजमेंट कोटे से भरी जाएंगी। फिलहाल, इसमें अगर कोई खेल हुआ तो कॉलेज की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अभी तक कई इंजीनियरिंग कॉलेज मैनेजमेंट कोटे के तहत दाखिला लेने में तरह-तरह के खेल करते हैं।
यह भी शिकायत रहती है कि समाज कल्याण विभाग से सेटिंग कर सीटें भरने का काम करते हैं।
बीटेक व अन्य कोर्स में फर्स्ट ईयर में स्टूडेंट दाखिले ले लेते हैं और फिर सेमेस्टर परीक्षा के समय स्टूडेंट पढ़ाई छोड़ देते हैं।