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आवेदन किया नहीं, बना दिया सेंटर
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Thu, 21 Nov 2013 12:50 AM IST
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बोर्ड परीक्षाओं में केंद्रों का चयन किन मानकों के आधार पर होता है, यह समझ से परे है। जिन विद्यालयों ने परीक्षा केंद्र के लिए आवेदन ही नहीं किया, उन्हें केंद्र बना दिया गया।
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जबकि जिन्होंने आवेदन किया और सभी मानक पूरा करने का दावा करते रहे, उनके आवेदन बिना निरीक्षण के ही खारिज कर दिए गए।
ऐसे ही एक मामले में परीक्षा केंद्र की सूची में अपने कॉलेज का नाम न देखकर बीकेटी के अस्ती स्थित महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज की प्रिसिंपल ने आपत्ति दर्ज कराई, जिस पर अधिकारियों ने उन्हें प्रत्यावेदन कर मामला देख लेने का आश्वासन दिया।
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बीकेटी के अस्ती स्थित महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल राधा कनौजिया ने बताया कि उन्होंने कॉलेज को बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए आवेदन किया था।
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हाल ही में जारी हुई बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची में उनके कॉलेज का नाम नहीं होने पर उन्होंने सह जिला विद्यालय निरीक्षक जेके वर्मा से बताया कि उनके कॉलेज का निरीक्षण किए बगैर ही सूची से कॉलेज का नाम हटा दिया गया है।
उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई तो जेके वर्मा ने प्रत्यावेदन देने की सलाह देकर मामला देखने की बात कही। प्रिंसिपल का कहना है कि कॉलेज को इससे पहले एक बार परीक्षा केंद्र बनाया जा चुका है।
ऐसे में अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड से सटा होेने के बावजूद कॉलेज को केंद्र न बनाना समझ से परे है। यह कोई पहला मामला नहीं है।
जिस पर 3परीक्षा केंद्रों के चयन पर सवाल उठ रहे हों। आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 29 अक्तूबर तक सभी कॉलेजों को ब्योरा देना था।
687 में से महज 101 कॉलेजों ने ही ब्योरा देकर आवेदन किए लेकिन परीक्षा केंद्रों की सूची में 149 कॉलेजों के नाम शामिल हैं। जाहिर है कि जिन कॉलेजों ने आवेदन ही नहीं किया, उन्हें भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया।
वहीं दूसरी ओर, आवेदन करने वाले कॉलेजों के स्थलीय निरीक्षण के लिए चार टीमें गठित करने का दावा किया गया था लेकिन महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज प्रिंसिपल की मानें तो यह दावा भी बेमानी नजर आता है।