LU: जानिए, कितनी कम हुई M.phill की फीस
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एलयू में एमफिल की फीस करीब 44 फीसदी तक घटाई जाएगी।
सोमवार को जिन नौ विभागों में एमफिल के कोर्स चलाए जा रहे हैं, उनके विभागाध्यक्षों की एक बैठक बुलाई गई।
फीस पुनर्गठन कमेटी के चेयरमैन प्रो. एनके खरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभागाध्यक्षों ने सबसे पहले विभागों में फीस स्ट्रक्चर को एक सामान करने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि विभागों में एमफिल की फीस काफी अधिक है। इसमें रेग्युलर टीचर ही ज्यादातर पढ़ाते हैं और वे प्रति लेक्चर अलग से मानदेय भी नहीं लेते। ऐसे में एमफिल की प्रति सेमेस्टर फीस 24,000 रुपये काफी अधिक है।
इसे कम से कम 13,500 रुपये निर्धारित किया जाए तो अच्छा होगा। सिर्फ हिंदी विभाग में एमफिल सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस 10 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर है, अब इसे बढ़ाकर अन्य के बराबर यानी 13,500 रुपये कर दिया जाएगा।
एलयू में समाजशास्त्र, समाजकार्य, मानव विज्ञान, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, प्राचीन भारतीय इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत में एमफिल कराई जाती है।
प्रो. एनके खरे को विभागाध्यक्षों ने बताया कि वर्ष 2009-10 में सभी नौ विभागों में यह फीस 13,500 रुपये ही निर्धारित थी।
ऐसे में इसे बीच में बेवजह बढ़ा दिया गया, अब इसे घटाकर फिर उतना ही कर दिया जाए तो बेहतर होगा। फिलहाल, फीस पुनर्गठन कमेटी ने वर्तमान फीस में 44 फीसदी की कमी करते हुए इसे 13,500 रुपये प्रति सेमेस्टर निर्धारित करने पर मुहर लगा दी है।
वहीं, बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि हिंदी विभाग में एमफिल रेग्लुयर और एमफिल सेल्फ फाइनेंस के कोर्स चलाए जा रहे हैं।
इसमें एमफिल रेग्युलर कोर्स की फीस 4,900 रुपये प्रति सेमेस्टर है और एमफिल हिंदी सेल्फ फाइनेंस की फीस 10 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर है।
अब अन्य आठ विभागों के समान फीस करने के लिए इसमें बढ़ोतरी की जाएगी। मंगलवार को फीस पुनर्गठन कमेटी की मीटिंग में रेग्युलर कोर्स की फीस को 10 प्रतिशत बढ़ाने पर मुहर लग सकती है।
वहीं, ज्यादातर सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस घटेगी। फीस पुनर्गठन कमेटी रिपोर्ट कुलपति को सौंप देगी। छह को फाइनेंस कमेटी की बैठक होगी और आठ मई को रिपोर्ट पर फीस रेग्युलेशन कमेटी की मुहर लगेगी।