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रोस्टर प्रणाली के विरोध में लूटा ने ठोकी ताल

Sun, 26 Jan 2014 10:40 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 26 Jan 2014 10:40 AM IST
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luta against roster system in teachers selection

एलयू में शिक्षक पदों पर रोस्टर प्रणाली लागू किए जाने के विरोध में लूटा के महामंत्री डॉ. नीरज जैन मैदान में कूद पड़े हैं।

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उनका कहना है कि वर्ष 2004 में नियमित किए गए शिक्षकों को हाशिये पर रखकर नियुक्ति नहीं की जा सकती। एक कुलपति ने इन शिक्षकों को नियमित किया।

अब दूसरा कुलपति उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकता। ऐसे में इन्हें समायोजित करते हुए ही रोस्टर प्रणाली लागू की जाए। लूटा महामंत्री डॉ. नीरज जैन व उनके साथ सभी छह शिक्षक जो नियमित शिक्षक का वेतन व सुविधाएं पा रहे हैं।

शनिवार को कुलपति डॉ. एसबी निमसे से मिलने गए। उन्होंने रोस्टर प्रणाली पर विरोध जताया और कहा कि पहले इन शिक्षकों को खाली पदों पर समायोजित कर लिया जाए तब आगे भर्ती के लिए आरक्षण लागू कर विज्ञापन जारी किया जाए।
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डॉ. जैन ने कहा कि रोस्टर कमेटी में सामान्य वर्ग की ओर से कोई नुमाइंदा ही ढंग से इनकी आवाज नहीं उठा पाया। डॉ. जैन का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन खुद इन्हें रेगुलर कर चुका है वह भी दस साल पहले।
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इसके बाद शिक्षक पद पर इन्हें पूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। यही नहीं जो 52 शिक्षक रेगुलर किए गए थे उनमें से तमाम शिक्षक पदों के सापेक्ष भर्ती हुए या फिर आगे पद खाली होने पर समायोजित हो गए।


ऐसे में गणित विभाग के तीन शिक्षक, बॉटनी, शिक्षा शास्त्र और हिन्दी विभाग में क्रमश: एक-एक शिक्षक को खाली पद पर समायोजित क्यों नहीं किया जा रहा।

आखिर यूनिवर्सिटी प्रशासन गणित विभाग में ओबीसी के दो पद और सामान्य वर्ग का एक पद विज्ञापित करेगा तो यहां भर्ती के बाद कुल 8 सीटें आरक्षित हो जाएंगी।

आखिर कुल 12 में से 8 पदों पर आरक्षण कैसे लागू किया जा सकता है। फिलहाल लूटा महामंत्री ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है।

उनका कहना है कि लीगल सेल के डायरेक्टर खुद ओबीसी की मानसिकता से ग्रस्त हैं ऐसे में शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है। अब वह इसका सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

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