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स्टूडेंट्स बताएंगे कैसा पढ़ाते हैं मास्टर जी

Wed, 05 Feb 2014 10:06 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 05 Feb 2014 10:06 AM IST
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lucknow university will take teaching feedback from students

एलयू में सभी विभागों के स्टूडेंट्स से फीड बैक फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। यह व्यवस्था पहली बार लागू की गई है। सभी विभागों को स्टूडेंट्स से फीड बैक लेने के लिए फॉर्म भेज दिए गए हैं।

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विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वह हर हाल में 15 फरवरी तक फीडबैक फॉर्म भरवाकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को अपनी-अपनी एनालिसिस रिपोर्ट भेज दें।

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन करवाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह व्यवस्था लागू की है। नैक में बेस्ट प्रैक्टिसेज के तहत स्टूडेंट्स से फीड बैक लेने के भी अंक होते हैं।
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एलयू में जो फीड बैक फॉर्म स्टूडेंट्स को बांटे जा रहे हैं उनमें दो कॉलम रखे गए हैं। पहला सेलेबस में वह किस तरह का बदलाव चाहते हैं और अभी जो पढ़ाया जा रहा है वह कैसा है।
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वहीं, दूसरी ओर क्लासरूम में जो टीचिंग मैथोडोलॉजी प्रयोग में लाई जा रही है वह कैसी है। अभी इन दो कॉलम पर स्टूडेंट्स की राय लिखवाई जा रही है। स्टूडेंट फीड बैक फॉर्म भरकर विभागाध्यक्षों को देंगे।

इसके बाद विभागाध्यक्ष फॉर्म का एनॉलिसिस कर रिपोर्ट तैयार करेंगे और यूनिवर्सिटी प्रशासन को भेज देंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन इस रिपोर्ट पर मंथन कर जो कुछ बेस्ट होगा उसे लागू करेगा।

अभी सिर्फ पीजी के स्टूडेंट्स से ही यह फीडबैक फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। आगे इसे विस्तार दिया जाएगा और इस फीड बैक फॉर्म को स्नातक कक्षाओं के स्टूडेंट्स से भी भरवाया जाएगा।

इसमें आगे कॉलम भी बढ़ाए जाएंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था को चरणबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी में फेल हुई थी यह व्यवस्था
डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में भी बीते साल यह व्यवस्था लागू की गई थी। विवि प्रशासन ने सभी स्टूडेंट्स से फीड बैक फॉर्म भरवाए, लेकिन स्टूडेंट्स ने अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई।

जिन्होंने दिखाई भी उनके फीड बैक फॉर्म पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर भरे गए थे। क्योंकि जो अच्छे टीचर क्लास में सख्ती करते थे उन्हें कुछ स्टूडेंट्स ने ठीक रैकिंग नहीं दी थी।


जबकि उनकी देश व विदेश में अपनी पहचान है। इसके पीछे कारण यह पाया गया कि यह टीचर क्लास में सख्ती अधिक करते हैं। फिलहाल वर्तमान में यह व्यवस्था नहीं चल रही। फीड बैक फॉर्म तो वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, मगर उन्हें भरवाया नहीं जा रहा।

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