महंगी किताबें नहीं खरीद सकते हैं तो पढ़ें ये अच्छी खबर
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लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार से ई-बुक्स को पढ़ने की सुविधा ट्रायल के आधार पर शुरू की गई है। यह सुविधा दो कंपनियों ने 15 दिन के लिए दी है। इसके बाद छात्र-छात्राओं व फैकल्टी का फीडबैक लेकर इन रिसोर्सेज को विवि खरीदेगा।
टैगोर लाइब्रेरी की डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. ज्योति मिश्रा ने बताया कि ई-रिसोर्सेज को बढ़ावा देने के लिए 8 नवंबर को पियरसन, एल्जेवियर और स्प्रिंगर की ओर से एक प्रजेंटेशन दिया गया था।
इन कंपनियों से 15 दिन का ट्रायल देने की बात कही गई थी जिसे पियरसन और एल्जेवियर ने स्वीकार करते हुए शुक्रवार से एक्सेस दे दी है। पियरसन कम्पनी के ई रिसोर्सेज को http://lib.myilibrary.com और एल्जेवियर के रिर्सोसेज को www.sciencedirect.com वेबसाइट पर जाकर एक्सेस किया जा सकता है। दोनों वेबसाइट केवल लविवि की आईपी एड्रेस पर खुलेंगी।
इन विषयों की होंगी किताबें
डॉ. ज्योति मिश्रा ने बताया कि छात्र-छात्राएं व फैकल्टी इन वेबसाइट्स के माध्यम से किताबों को पढ़ने के साथ ही डाउनलोड भी कर सकते हैं।
पियरसन की वेबसाइट पर साइंस, हृयूमेनिटीज और सोशल साइंस से जुड़ी किताबों का जबकि एल्जेवियर की वेबसाइट पर साइंटिफिक, टेक्निकल और मेडिसिन से संबंधित किताबों का संग्रह है।
ट्रायल के बाद यदि अच्छा फीडबैक मिला तो जल्द ही यह सुविधा हमेशा के लिए मिलने लगेगी। टैगोर लाइब्रेरी में 50 कम्प्यूटर की लैब पर ये सुविधा दी गई है।