लखनऊ यूनिवर्सिटी में डेढ़ साल में होगा एमफिल
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लखनऊ विश्वविद्यालय से एमफिल की पढ़ाई अब डेढ़ साल में और बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स व बैचलर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट की पढ़ाई चार साल की होगी।
यूजीसी गाइडलाइंस के अनुसार विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियों के रीस्ट्रक्चरिंग को लेकर एलयू में बृहस्पतिवार को हुई अहम बैठक में कुछ पाठ्यक्रमों का जहां समय बढ़ाया गया तो वहीं कई के नामों में भी परिवर्तन किया गया है।
सत्र 2015-16 से इन पाठ्यक्रमों में किए गए बदलाव लागू कर दिए जाएंगे। जिन पाठ्यक्रमों की समयावधि में परिवर्तन किए गए हैं अब विश्वविद्यालय उनके सिलेबस में भी बदलाव करेगा।
इसके लिए जल्द ही संबंधित संकाय के डीन और विभागाध्यक्षों की बैठक होगी। अभी तक एमफिल की पढ़ाई एक साल की होती है।
इसके पहले सेमेस्टर में फुल टीचिंग और दूसरे सेमेस्टर में पार्ट टाइम टीचिंग व डाइजर्टेशन शामिल हैं। डेढ़ साल का एमफिल होने के बाद इसमें तीन सेमेस्टर की पढ़ाई होगी, जिसमें शुरू के दो सेमेस्टर फुल टीचिंग और तीसरे सेमेस्टर में डाइजर्टेशन व वायवा होगा।
बढ़ जाएगा इन कोर्सेज का समय
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अब बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स का कोर्स चार साल का होगा। अभी तक यह कोर्स तीन साल का था। इसके अलावा बीटीए/बीबीए के पाठ्यक्रम का समय तीन साल से बढ़ाकर चार साल कर दिया गया है।
इसके साथ ही इस पाठ्यक्रम के नाम में भी परिवर्तन किया गया है। अब इस कोर्स का नया नाम बैचलर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवेल मैनेजमेंट (बीटीटीएम) होगा।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. एसबी निम्से की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुलसचिव डॉ. अखिलेश मिश्र, परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित, एमबीए के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय मेधावी सहित अन्य विभागाध्यक्ष व डीन उपस्थित रहे।